गुड़गांव में अब स्वास्थ्य विभाग आम आदमी पार्टी के स्टाइल में काम करेगा। अल्ट्रासाउंड सेंटर में गैर कानूनी ढंग से चलने वाले भ्रूण की जांच के धंधे का पर्दाफाश करने को विभाग आम आदमी की मदद लेगा।
कहा गया है कि ऐसी गड़बड़ी दिखने पर मोबाइल से वीडियो बनाकर उपलब्ध कराएं ताकि ऐसे सेंटरों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सके। इसे लेकर बुधवार को लघु सचिवालय में एक बैठक हुई। इसमें अतिरिक्त उपायुक्त पुष्पेन्द्र सिंह चौहान ने आम जनता से अल्ट्रासाउंड सेंटर में चलने वाले गैर-कानूनी धंधे के भंडाफोड़ में स्वास्थ्य विभाग की मदद करने का आह्वान किया।
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इस बैठक में आंगनवाड़ी व आशा वर्करों के लिए कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें उन्हें अल्ट्रासाऊंड सेंटर में पीएनडीटी एक्ट के उल्लंघन को उजागर करने के लिए लोगों से मदद लेने के गुर समझाए गए। अतिरिक्त उपायुक्त का कहना है कि इसमें आम नागरिक की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।भ्रूण जांच आपसी सहमति होती है। इसलिए ऐसे लोगों को रंगे हाथ पकड़वाना बेहद आसान है। सबूत जुटाने के लिए मोबाइल से स्टिंग ऑप्रेशन किया जा सकता है।
अभी जिले में 163 अल्ट्रासाऊंड सेंटर हैं। इनपर पीएनडीटी एक्ट के तहत गठित जिला स्तरीय कमेटी नजर रखती है। फिर भी भ्रूण हत्या के मामले समाने आ रहे हैं। उन्होंने आशा वर्करों को प्रेरित किया कि वे अपने गांवों में गर्भवती महिलाओं को ‘कन्या भ्रूण हत्या’ जैसे अपराध के प्रति जागरूक करें।
स्वास्थ्य विभाग भी मानता है कि गुड़गांव का सेक्स रेशियो संतोषजनक नहीं है। सीएसआर का निदेशक रंजना कुमारी ने बताया कि इस वक्त हरियाणा का झज्जर जिला लिंगानुपात में गुड़गांव से भी बुरे हाल में है। गुड़गांव का लिंगानुपात 1000 पुरूषों में 854 महिलाएं हैं। बैठक में उप-सिविल सर्जन एवं पीएनडीटी की नोडल अधिकारी डॉ. सरयू भी मौजूद थीं।