ग्रेटर नोएडा के ज्यादातर स्वास्थ्य केंद्र किराए या फिर दान के भवनों में संचालित हैं।
कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जमीन न मिलने के कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नहीं बनाए जा सके। सुनील गौतम द्वारा मांगी गई आरटीआई में ये जानकारी मिली है। जिसके चलते ग्रेटर नोएडा वासियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 30 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल, नोएडा पर निर्भर रहना पड़ता है।
बिसरख ब्लॉक के दुजाना, थापखेड़ा, नगला चरणदास, खेड़ी, अच्छेजा, बादलपुर, छपरौला, नया हैबतपुर, चौड़ा सादातपुर, अट्टा सेक्टर-19, हरौला, निठारी, सदरपुर, छलैरा बांगर, मामूरा, होशियारपुर, नया बांस, गढ़ी चौखंडी, सोरखा, छपरौली, भंगेल और सलारपुर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जर्जर किराए भवनों में वर्षों से संचालित हैं।
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दनकौर ब्लॉक के अल्फा, बीटा, गामा के अलावा अन्य छह पीएचसी किराए के भवन में चल रहे हैं। जबकि, जेवर ब्लॉक के रामपुर, किशोरपुर, नगला हुकुम सिंह, मेंहदीपुर के अलावा दादरी का पीएचसी किराए के भवन में चल रहा है।
दादरी के जारचा पीएचसी और बसंतपुर पीएचसी स्वास्थ्य उप केंद्र में, दनकौर ब्लॉक का चीती पीएचसी स्वास्थ्य उपकेंद्र में और बाढ़ौली का पीएचसी दान के भवन में चल रहा है।
दनकौर में लंबे समय में पीएचसी को अपग्रेड कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की मांग की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि भूमि उपलब्ध न होने से निर्माण जिला योजना में प्रस्तावित नहीं किया गया है।