दनकौर के अपहृत हार्डवेयर व्यापारी हुक्म सिंह ने बदमाशों को चकमा देकर अपनी जान बचाई। बल्लभगढ़ में उनके ठिकाने से भागकर वह एक ढाबे पर जाकर छिप गया था, जहां वह परिजनों को मिल पाया।
हुक्म ने बताया कि उसका अपहरण रबूपुरा स्थित दुकान से नहीं, बल्कि वहां पहुंचने से पहले ही हो गया था। वहीं, पुलिस अपहृत व्यापारी के मिलने के संबंध में बात करने से बच रही है।
गांव नौरंगपुर मडैया निवासी हार्डवेयर व्यापारी के भाई जयसिंह ने बताया कि हुक्म सिंह शनिवार को रबूपुरा स्थित दुकान पर जाने के लिए घर से निकला। रबूपुरा पहुंचने से पहले रास्ते में कार सवार युवकों ने उसकी बाइक को ओवरटेक कर रोक लिया।
कार से उतरे युवकों ने उसका बाइक समेत अपहरण कर लिया। कार में डालने के बाद बदमाशों ने हुक्म को नशीला पदार्थ सुंघा दिया, जिससे वह बेहोश हो गया। जब उसकी आंख खुली तो बदमाश बातचीत के दौरान हरियाणा का जिक्र कर रहे थे।
जय सिंह ने बताया कि बदमाशों के कहने पर वे रविवार को पांच लाख फिरौती लेकर बल्लभगढ़ पहुंचे, लेकिन बदमाशों से संपर्क नहीं हुआ। हरियाणा पुलिस की मदद लेने पर उनके मोबाइल की लोकेशन ऊंचा गांव में मिली।
इधर परिजन हुक्म सिंह के फोटो लेकर आसपास के लोगों से पूछताछ करने लगे। कई घंटे तलाश करने के बाद रविवार देर रात ऊंचा गांव स्थित एक ढाबे पर काम करने वाले व्यक्ति ने बताया कि एक युवक उनके पास बैठा है, जिसका उत्तर प्रदेश से अपहरण किया गया है।
इसके बाद परिजनों को हुक्म सिंह मिल गया। बता दें कि व्यापारी के अपहरण मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पीड़ित परिजनों ने रविवार सुबह कोतवाली का घेराव किया था। आला अधिकारियों के निर्देश पर दनकौर पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर लिया था। रविवार रात परिजन बल्लभगढ़ से व्यापारी को ले आए थे।