-बाहरी-उत्तरी जिला की समयपुर बदली थाना पुलिस ने हत्या के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार किया
-मृतक दोनों आरोपियों का था दोस्त, दराती से सिर पर कई वार करने के बाद की थी हत्या
-समयपुर बादली थाना पुलिस को हैदरपुर वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के पास नहर में मिला शव
-18 नवंबर को गुलाबी बाग थाने में दर्ज थी अंकित की गुमशुदगी, परिवार के साथ सदर बाजार में रहता था अंकित
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। बाहरी-उत्तरी जिले के समयपुर बदली इलाके में एक युवक का सिर पेड़ काटने वाले दाव (दराती) से काटकर उसकी हत्या कर दी गई। बाद में शव को मुनक नहर में फेंक दिया गया। मृतक की शिनाख्त अंकित (18) के रूप में हुई है। पुलिस ने हत्या के आरोप में अंकित के ही दो करीबी दोस्तों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान आशीष (23) और विशाल धिलोद (23) के रूप में हुई है। दरअसल अंकित आशीष व विशाल की मौसेरी बहन से प्यार करता था। आशीष ने कई बार अंकित को बहन से दूर रहने के लिए कहा था। जब वह नहीं माना तो आरोपियों ने उसकी हत्या की साजिश रच डाली। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पीड़ित को टिकरी कलां मेट्रो स्टेशन बुलाकर उसे उसे गड्ढा कॉलोनी ले जाया गया। वहां अंकित की पिटाई करने के बाद उसके हाथ-पांव बांधकर उसके सिर पर पेड़ काटने वाले दाव से वारकर उसे मौत के घाट उतार दिया गया। बाद में शव को एक मिनी टेंपो में डालकर बवाना ले जाया गया और मुनक नहर में शव फेंक दिया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल दाव, टाटा-ऐस मिनी टेंपो, स्कूटी व अन्य सामान बरामद किया है। पुलिस ने अंकित का शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के हवाले किया है। समयपुर बादली थाना पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
22 को मिला था अंकित का शव, हाथ-पैर बंधे थे
बाहरी-उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त हरेश्वर स्वामी ने बताया कि 22 नवंबर को मुनक नहर, हैदरपुर ट्रीटमेंट प्लांट में एक युवक का शव बरामद हुआ था। युवक के हाथ-पैर बंधे थे। इसके अलावा उसके सिर पर किसी धारदार हथियार से वार करने के निशान थे। मृतक की पहचान नहीं हुई। बाद में समयपुर बादली थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। इंस्पेक्टर मिंटू सिंह की टीम ने सबसे पहले मृतक की पहचान के प्रयास किए। जिपनेट के जरिए मृतक की शिनाख्त सदर बाजार निवासी अंकित के रूप में हुई। अंकित अपने मामा के साथ वेल्डिंग का काम करता था। 18 नवंबर को परिजनों ने गुलाबी बाग थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। अभी लोकल पुलिस मामले की जांच कर रही थी कि स्पेशल सेल ने एक आरोपी आशीष को दबोच लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अंकित की हत्या की बात स्वीकार कर ली। आरोपी ने बताया कि उसने 18 नवंबर को विशाल के साथ मिलकर अपने दोस्त अंकित की हत्या की थी।
आरोपियों ने स्पेशल सेल के अधिकारी के सामने कबूला जुर्म...
अपने दोस्त अंकित की हत्या करने के बाद विशाल और आशीष को नींद नहीं आ रही थी। वह काफी परेशान थे। बुरी तरह परेशान होने के बाद आशीष ने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में तैनात अपने एक रिश्तेदार के सामने सारी बात बता दी। उसने बताया कि अंकित को उन्होंने मार दिया है। अब वह सरेंडर करना चाहते हैं।