मुख्यमत्री ने शनिवार को डीएलएफ फेज-5 स्थित आधुनिक तकनीक से तैयार मलशोधक संयंत्र का अवलोकन किया। इस दौरान डीएलएफ के प्रतिनिधियों द्वारा मुख्यमंत्री को बताया गया कि इस संयंत्र द्वारा तीन स्तर का शोधन कार्य किया जाता है।
जिससे सीवरेज के पानी को साफ किया जाता है। ट्रीट होने के बाद यह पानी दुर्गंध रहित हो जाता है। देखने में यह बिल्कुल गंदा नहीं होता। इस प्रकार रिसाइकिल किए हुए सीवरेज के पानी को दोबारा कंडोमिनियम के फ्लैटों में नहाने, कपड़े धोने व फ्लश आदि के इस्तेमाल के लिए फिर से सप्लाई किया जाता है।
बचे हुए थर्ड ग्रेड के पानी को बागवानी कार्यों लाया जाता है। यही नहीं शोधन में जो कूड़ा या कचरा निकलता है उसे भी खाद के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।
मुख्यमंत्री ने इसके बारे में पूरी जानकारी ली। इस अवसर पर हरियाणा के लोक निर्माण मंत्री राव नरबीर सिंह, विधायक उमेश अग्रवाल, विधायक तेजपाल तंवर, भाजपा नेता कुलभूषण भारद्वाज, जिला उपायुक्त टीएल सत्यप्रकाश सहित अन्य लोग मौजूद रहे।