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'हॉकर आम लोगों की सुरक्षा के लिए भी खतरनाक, करते हैं मौलिक अधिकारों का हनन '

Mon, 18 Jul 2016 12:58 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोर्ट, - फोटो : file photo
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अदालत ने स्पष्ट कर दिया कि अतिक्रमण कर सामान बेचने वाले हॉकर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के जरिये व्यापार करने वाले दुकानदारों के मौलिक अधिकारों का हनन करते हैं। इतना ही नहीं, वे आम लोगों के लिए सुरक्षा समस्या भी पैदा करते हैं।
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सीनियर सिविल जज गौरव राव ने अपने फैसले में नेहरू प्लेस मार्केट में पटरी पर सामान बेचने वाले एक हॉकर की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें दक्षिणी एमसीडी व पुलिस को उसे वहां से हटाने से रोकने का आग्रह किया था। 

अदालत ने फैसले में कहा कि दुकानदार अपने व्यवसाय को चलाने के लिए भारी किराया, करों का भुगतान व निवेश करते हैं। वहीं हॉकर उनकी दुकान के आगे बैठ कर बिना कोई भुगतान किए, जमीन खरीदे अपना व्यवसाय शुरू कर देते हैं। 
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हॉकरों को हटाने के एमसीडी के निर्णय पर नहीं लगी रोक

अदालत
याची हॉकर ने तर्क रखा था कि वह 2005 मार्किंट में मोबाइल का सामान बेच रहा है और अन्य दुकान मालिकों सहित किसी को बाधा नहीं पहुंचाई। बावजूद इसके एमसीडी व क्षेत्रीय पुलिस उसे जबरन वहां से हटाकर जीविका के अधिकार से वंचित कर रहे हैं। 

अदालत ने कहा कि यह भी सभी को पता है कि दुकानदार व हॉकरों के बीच हमेशा स्टाल लगाने के लेकर विवाद होता है और यह कानून और व्यवस्था की समस्या का कारण बनता है।

अदालत ने कहा कि भारी राशि का निवेश कर व्यवसाय करने वाले दुकानदारों के समक्ष अतिक्रमण कर स्टाल लगाने वाले हॉकर दुकानदारों के मौलिक अधिकारों का हनन करते हैं। इसके अलावा हॉकर उनके निष्पक्ष व्यवसाय करने के सिद्घांत का भी उल्लंघन करते हैं।
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