अदालत ने स्पष्ट कर दिया कि अतिक्रमण कर सामान बेचने वाले हॉकर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के जरिये व्यापार करने वाले दुकानदारों के मौलिक अधिकारों का हनन करते हैं। इतना ही नहीं, वे आम लोगों के लिए सुरक्षा समस्या भी पैदा करते हैं।
सीनियर सिविल जज गौरव राव ने अपने फैसले में नेहरू प्लेस मार्केट में पटरी पर सामान बेचने वाले एक हॉकर की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें दक्षिणी एमसीडी व पुलिस को उसे वहां से हटाने से रोकने का आग्रह किया था।
अदालत ने फैसले में कहा कि दुकानदार अपने व्यवसाय को चलाने के लिए भारी किराया, करों का भुगतान व निवेश करते हैं। वहीं हॉकर उनकी दुकान के आगे बैठ कर बिना कोई भुगतान किए, जमीन खरीदे अपना व्यवसाय शुरू कर देते हैं।