अखिल भारतीय शहीदाने मेवात सभा द्वारा बुलाई गई महापंचायत में फैसला लिया गया है कि वैवाहिक कार्यक्रमों से पूर्व लड़की देखने की रस्म बंद रखी जाएगी। इसके अलावा मोबाइल पर तलाक नहीं दिए जा सकेंगे।
दूल्हे की सलामी बंद होगी। दूल्हा-दुल्हन के बनवारे, गाने-बजाने की रस्म बंद होगी। शादी के निमंत्रण पत्र नहीं बनेंगे। इसके अलावा विवाह व अन्य उत्सवों के आयोजनों पर डीजे, आतिशबाजी बंद होंगे।
पंचायत में ऐलान किया गया कि बारात में सिर्फ 31 बाराती ही जाएंगे। निकाह के मौके पर फोटो लेना बंद होगा। मेहर में 20 ग्राम सोना से ज्यादा नहीं दिया जाएगा। शादी समारोह में पंचायती सामान भी बंद होगा। इसके अतिरिक्त दहेज के सामान की प्रदर्शनी नहीं होगी।
दूल्हा दुल्हन के साथ केवल एक बुजुर्ग होना जरूरी है
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- फोटो : अमर उजाला
पंचायत में फैसला लिया गया कि दहेज में वाहन और नकदी बंद होगी। जुडा घिराई बंद होगी। फैसले के मुताबिक, विवाह वाले दिन भी भात लिया जाएगा। दूल्हा दुल्हन के साथ केवल एक बुजुर्ग होना जरूरी है।
मांडा रस्म बंद होगी और सगाई का कार्यक्रम घर पर होगा। चाला की रस्म भी बंद होगी। जनाजे की मिट्टी की रस्म के मौके पर पकवान खिलाने की नई रस्म बंद होगी।
इस मौके पर पलवल की एसएसपी सुलोचना गजराज, फरीदाबाद के असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर राजेश चेची और अखिल भारतीय शहीदाने मेवात सभा के अध्यक्ष सरफुद्धीन खान मेवाती सहित कई गांवों के पंच व सरपंच मौजूद थे।
मोबाइल पर अश्लील गाने बंद होंगे
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इसके अतिरिक्त सामाजिक बुराइयों के बारे में फैसला लिया गया कि मोबाइल में अश्लील गाने व फोटो बंद होंगे। नशाखोरी, जुआ व सट्टा बंद होगा। फैसले को लागू करने के लिए ब्लॉक वाइज कमेटियों का गठन होगा। सभी कमेटियों को जिला प्रशासन से मंजूरी लेनी होगी।
इन रस्मों-रिवाजों पर लगाई पाबंदी
चाला की रस्म (गौना), जुड़ा-घीराई (नेग), दूल्हा-दुल्हन का सलाम, गाना-बजाना, मांढ़ा, दहेज में वाहन-नकदी, शादी के निमंत्रण कार्ड, शादी में पंचायत के लिए सामान लाना, बड़ी बारात ले जाना, दहेज का सामान दिखावा करने पर पाबंदी लगाने फैसला लिया है। वहीं निकाह के दौरान फोटो नहीं लिए जाएंगे।