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बॉस ने बर्बाद की युवती की जिंदगी

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हरियाणा के पानीपत में तेजाब हमले से पीड़ित दक्षिण दिल्ली की युवती आरोपी को सजा दिलाने और जिंदगी की जंग जज्बे के साथ लड़ रही है। हमले में दाईं आंख गंवा चुकी युवती की अब तक 15 सर्जरी हो चुकी हैं। हर घंटे आंख में दवाई डालनी पड़ती है।
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हमले का दंश झेल रही युवती अब दिल्ली में परिजनों के साथ रह रही है। इस बीच हरियाणा सरकार से युवती को इलाज में खर्च पांच लाख रुपये की मुआवजा राशि का चेक मिला है।

इस बीच हरियाणा की अदालत में चल रहा मामला दिल्ली के कोर्ट में ट्रांसफर करने का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने कर दिया है। यह याचिका वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने युवती कि लिए दाखिल की थी।
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अब मामले की सुनवाई रोहिणी कोर्ट में होगी। सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा के डीआईजी को यह भी सख्त निर्देश दिए हैं कि केस के हर गवाह को प्रत्येक सुनवाई में पेश करना होगा, नहीं तो कोर्ट की अवमानना माना जाएगा।

कभी हाथ की नस काट ले तो कभी...

30 वर्षीय युवती ने शुक्रवार को दिल्ली सचिवालय में ‘अमर उजाला’ को बताया कि 2007 में परिजनों की मर्जी के खिलाफ शादी करके पानीपत चली गई। वहां पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी से संबद्ध एक प्राइवेट कॉलेज में बतौर स्टूडेंट काउंसलर नौकरी ज्वाइन की।

वहीं एमबीए की पढ़ाई के लिए दाखिला भी लिया। वहां का बॉस कार्यालय के समय के बाद तक रुकने और फायदा उठाने के लिए दबाव डालने लगा। युवती ने बताया कि वह भावनात्मक रूप से ब्लैकमेल करने लगा।

कभी हाथ की नस काट ले तो कभी सिर में चोट मार ले। तंग आकर मैंने जून 2008 में नौकरी छोड़ दी। इस बीच फोन करके परेशान करता रहा। फिर 2009 में दूसरी जगह नौकरी की।

ऑफिस में कुछ दोस्त भेजकर बाहर बुलवाया। गाड़ी में बैठाकर फिर जॉब की हामी भरवाई। फिर वहीं काम करने लगी। एक दिन पति का एसएमएस देखकर मेरे मोबाइल से वापस एसएमएस कर दिया। परेशान होकर फिर जॉब छोड़ दी।
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हादसे के दिन क्या हुआ

19 नवंबर, 2009 की शाम 6 बजे ऑफिस से बाहर आने लगी तो कॉलेज संचालक ने नहीं रोका, जबकि अक्सर रोकता था। बाहर निकली तो एक लड़का मुंह पर कपड़ा बांधे खड़ा था।

उसने कुछ डाला, मैं चीख पड़ी। डॉक्टर के पास पहुंचाया गया। फिर पति ने रोहतक के पीजीआई अस्पताल में भर्ती कराया। वहां से परिजन दिल्ली ले आए, लेकिन पति देखने तक नहीं आया। करीब 11 लाख रुपये इलाज में खर्च हो गए। अभी इलाज चल रहा है।

दिल्ली की हेल्पलाइन से मिली मदद
दिल्ली की महिला हेल्पलाइन नंबर 181 पर मई, 2013 में हरियाणा पुलिस से सहयोग नहीं मिलने पर संपर्क किया। मानवाधिकार और समाज सेवा के लिए काम करने वाली खदीजा फारूकी ने हरियाणा मुख्यमंत्री, हरियाणा हाईकोर्ट और एसपी को पत्र लिखे। कोर्ट ने संज्ञान लिया और बंद मामला फिर खुला।

पानीपत की चीफ ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट परमिंदर कौर ने 164 के बयान दर्ज किए। इसके बाद पत्नी के साथ बॉस और दो छात्र गिरफ्तार किए गए। लेकिन एक नाबालिग को छोड़कर बाकी को बेल मिल चुकी है। अब सुनवाई रोहिणी कोर्ट में होगी।
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