बलजीत यादव के परिवार में उसकी पत्नी हैं और बेटे व बेटी की शादी हो चुकी है। मृतक बलजीत यादव का बेटा टाइल कंपनी का काम करता है। बलजीत यादव बीते मंगलवार को अपने पोते की तबीयत खराब होने के चलते उसको डॉक्टर के पास ले गया था। पोते को डॉक्टर से दिखाने के बाद वह डेयरी में जाने की बजाय अपने भतीजे दिनेश यादव के पास कार्यालय में आकर सो गया था।
मृतक के चाचा चरण सिंह ने बताया कि गांव में बलजीत यादव के साथ किसी भी व्यक्ति की कोई रंजिश या दुश्मनी नहीं थी। जिला झज्जर में ही शराब के ठेके खोलने को लेकर कुछ समय से एक ग्रुप के साथ रंजिश चल रही थी। उन्होंने बताया कि कार्यालय में आए दोनों बदमाशों ने फायरिंग करने से पहले दिनेश यादव का नाम पूछा। कार्यालय के बाहर मौजूद एक कर्मचारी ने दिनेश यादव के अंदर सोए होने की बात कही थी। इसके बाद दोनों बदमाशों ने कार्यालय के अंदर आकर फायरिंग कर दी। इस फायरिंग में बलजीत यादव की मौत हो गई।
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बलजीत यादव को लगी पांच गोली
कार्यालय में फायरिंग के दौरान एक बदमाश में बेड पर सो रहे बलजीत यादव को गोलियां चलाई। बलजीत यादव को पांच गोलियां लगने से मौत हो गई। इसमें तीन गोलियां शरीर के आरपार हो गई, जबकि दो गोली शरीर में ही मिली थी। तीन गोली कमर में लगी थीं, एक गोली पेट में और एक गोली बाएं हाथ पर लगी थी। पोस्टमार्टम करने वाले डॉ. दीपक माथुर ने बताया कि पोस्टमार्टम के दौरान दोनों गोलियां निकाल दी गई हैं। एक गोली छाती से निकाली है, जबकि दूसरी गोली बाएं हाथ में फंसी हुई थी। गोली लगने से मृतक के हाथ की हड्डी टूटी मिली।
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