गुरुग्राम में खुले में नमाज पढ़ने को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। इस मामले में हरियाणा के मुख्यमंत्री अब अपने रविवार को दिए बयान से पलट गए हैं। बयान पर राजनीति गरमाती देख सीएम मनोहर लाल खट्टर ने नमाज मस्जिद में ही पढ़ी जानी चाहिए वाले बयान से यू-टर्न ले लिया है।
खट्टर ने अब अपने ताजा बयान में कहा है कि उन्होंने खुले में नमाज पढ़ने से रोक लगाने की बात नहीं कही थी। उन्होंने कहा, 'मैंने खुले में नमाज पढ़ने पर रोक लगाने की बात नहीं की है। अगर किसी को खुले में नमाज पढ़ने में परेशानी आ रही है तो वो पुलिस प्रशासन से संपर्क करें।' यह बात खट्टर ने दिल्ली एयरपोर्ट पर कही है। वह आज से दस दिनों के विदेश दौरे पर जा रहे हैं।
विवाद के बीच अनिल विज ने दे डाला ये बयान
खुले में नमाज पढ़ने को लेकर चल रहे विवाद में अब खट्टर के कैबिनेट मंत्री अनिल विज भी कूद पड़े हैं। उन्होंने कहा, 'अगर किसी को कभी-कभी खुले में नमाज पढ़नी पड़ जाती है तो धर्म की आजादी है। लेकिन किसी जगह को कब्जा करने की नीयत से नमाज पढ़ना गलत है। उसकी इजाजत नहीं दी जा सकती।'
खट्टर का पुराना बयान
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने नमाज को लेकर लोगों के एतराज को जायज ठहराते हुए रविवार को कहा कि इसे मस्जिद, ईदगाह या निजी स्थान पर ही अदा किया जाना चाहिए। लोग इस पर आपत्ति जताते हैं, जिस पर सावधानी बरतनी होगी। यदि किसी को किसी भी प्रकार की आपत्ति है तो प्रशासन व पुलिस को अवगत करा सकता है।
CPI(M) ने प्रशासन पर संरक्षण देने का लगाया आरोप
namaz in gurugram
- फोटो : अमर उजाला
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने गुरुग्राम में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के खिलाफ तथाकथित हिन्दू संगठनों की गुंडागर्दी की कड़े शब्दों में निंदा की है। सचिव शंकरलाल प्रजापति ने कहा कि, आरएसएस के समर्थित गुंडा गिरोहों को प्रशासन संरक्षण दे रहा है।
देश के संविधान में प्रत्येक नागरिक को धार्मिक आजादी का मौलिक अधिकार है। किसी खाली जगह या मैदान में थोड़ी देर के लिए एक समुदाय के कुछ लोग नमाज अदा करने से किसी भी सभ्य समाज के लोगों को भला क्या आपत्ति हो सकती है।
यह सरकारी शह पर बेहुदा मजाक व विरोध कर गैर कानूनी हरकत है। प्रशासन को संवैधानिक दायित्व निभाते हुए अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों की सुरक्षा करनी चाहिए। नागरिक अधिकारों की रक्षा की पुख्ता व्यवस्था करें।
भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद से हरियाणा के सामाजिक वातावरण को बिगाड़ रखा है। सांप्रदायिक आधार पर अपराध को प्रोत्साहन देने की राजनीति के कारण ही राज्य में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। जिससे आम आदमी असुरक्षित महसूस कर रहा हैं। जबकि प्रदेश में रोजी-रोटी, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन व खेती-बाड़ी और बिजली-पानी समस्याएं विकराल हो रही हैं।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने सभी जनतांत्रिक, धर्मनिरपेक्ष पार्टियों, संगठनों और नागरिकों से अपील की है कि, इस तरह की घृणित राजनीतिक हरकतों पर रोक लगाकर सांप्रदायिक भाईचारा बनाए रखें। संविधान प्रदत्त नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए मिल कर आवाज उठाएं।