भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन ने मिशन मोदी को पूरा करने के लिए अपनी ही बात का झूठा साबित कर दिया है। टिकट का ऐलान होने से पहले हर्षवर्धन ने खुद ही कहा था कि दिल्ली में किसी भी विधायक को टिकट नहीं दिया जाएगा।
लेकिन अब बीजेपी ने तीन विधायकों पर दांव खेलकर यह साफ कर दिया है कि फिलहाल उसे विधायकों के कार्यकाल पूरा करने की चिंता नहीं है। निलंबित चल रही दिल्ली की विधानसभा को बहाल करने की संभावना भी लगभग खत्म समझी जा रही है। डॉ. हर्षवर्धन को मैदान में उतारने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि भाजपा का सीएम इन वेटिंग कौन होगा?
दिल्ली विधानसभा को निलंबित करने की अदालत में भी चुनौती दे रखी है। उसमें भाजपा से पूछा गया है कि आम आदमी पार्टी की सरकार के इस्तीफा देने के बाद क्या भाजपा सरकार बनाएगी। इस बीच लोकसभा चुनाव में भाजपा का एक खेमा विधायकों के चुनाव न लड़ने की बात कह रहा था।
बीजेपी ने उतारे तीन विधायक
विधानसभा चुनाव में भाजपा के सीएम इन वेटिंग रहे डॉ. हर्षवर्धन दिल्ली प्रदेश में बड़ा नाम है। जाहिर है कि उनके नाम पर सीट निकलना भाजपा को आसान लग रहा था।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, भाजपा की राष्ट्रीय चुनाव समिति की बैठक में तय किया गया कि एक-एक सीट पीएम इन वेटिंग नरेंद्र मोदी के मिशन के लिए जरूरी है। ऐसे में तीन मौजूदा विधायकों को मैदान में उतार दिया गया।
चांदनी चौक सीट पर कांग्रेस के कपिल सिब्बल व ‘आप’ के प्रत्याशी आशुतोष के सामने कृष्णा नगर से विधायक डॉ. हर्षवर्धन को मजबूत उम्मीदवार के रूप में उतारा गया। वैसे भी इस सीट पर वैश्य व पंजाबी वोटरों की संख्या को देखते हुए भाजपा का यह निर्णय उचित माना जा रहा है।
हर्षवर्धन के बाद कौन होगा सीएम इन वेटिंग?
इसी तरह पश्चिमी दिल्ली से महरौली के विधायक व पूर्व मुख्यमंत्री साहेब सिंह वर्मा के पुत्र प्रवेश वर्मा को मैदान में उतारा गया है। वर्मा की जयंती पर प्रवेश को लोकसभा चुनाव का प्रत्याशी बताना साहेब के समर्थकों व जाट वोटरों को लुभाने की कोशिश मानी जा रही है।
वहीं, तुगलकाबाद से विधायक रमेश विधूडी को उतारकर दक्षिणी दिल्ली के जातिगत व विधूडी के जनाधार को भुनाने की कोशिश की गई है।
अब साफ है कि दिल्ली विधानसभा को फिलहाल भाजपा ने दरकिनार कर मोदी को प्रधानमंत्री बनाने की ठान ली है। ऐसे में सवाल यह भी है कि डॉ. हर्षवर्धन को विधानसभा चुनाव में काफी रस्साकशी के बाद सीएम इन वेटिंग घोषित किया गया था लेकिन अब उनके बाद भाजपा का चेहरा कौन होगा।