हापुड़ के गढ़ में बच्ची का अपहरण कर दुष्कर्म करने वाले आरोपी तक पुलिस पहुंच गई है। पुलिस ने दुष्कर्मी की पहचान कर ली है। पुलिस के माहिरों को पिछले तीन दिन छकाने के बाद आखिरकार पुराने दिग्गजों के प्रयास रंग लाए हैं। आरोपी की पहचान होने के बाद पुलिस की कई टीमें लगातार गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही हैं। लेकिन फिलहाल वह पुलिस गिरफ्त से दूर है और पुलिस जल्द ही गिरफ्तारी का दावा कर रही है।
गढ़ में बच्ची के बाइक सवार द्वारा अपहरण और इसके बाद जंगल में बंधक बनाकर दुष्कर्म करने के मामले को पुलिस ने शुरूआत में गंभीरता से नहीं लिया। छह अगस्त की रात बच्ची के अपहरण की सूचना के बाद पुलिस आठ टीमें गठित कर बच्ची की सरगर्मी से तलाश किए जाने की बात तो कह रही है, लेकिन इस सरगर्मी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि घटना स्थल से महज तीन किलोमीटर दूर दरिंदा बच्ची के साथ हैवानियत करता रहा।
बड़ी बात है कि जिले के कप्तान अगले पूरे दिन मामले को हल्के में लेते रहे। अगले दिन वे एक क्रिकेट टूर्नामेंट में मैच खेलने में मशगूल रहे और घटना के 24 घंटे बाद मौके पर पहुंचे। मामला लखनऊ तक पहुंचने और बच्ची के साथ हैवानियत की मेडिकल पुष्टि होने के बाद हापुड़ पुलिस एक्शन में आई। नतीजन दुष्कर्मी को फरार होने का पूरा मौका मिल गया। अब स्थिति यह रही कि महकमे के दिग्गजों की टीम भी आरोपी को गिरफ्तार करने में कामयाब नहीं हो सकी है।
लगातार दबिश दे रहे पुलिसकर्मी
पुलिस के जब सारे तंत्र फेल हो गए, इसके बाद गढ़ के कुछ पुराने दिग्गज ही काम आए हैं। पुलिस सूत्रों की माने तो गढ़ में तैनात रहे पुराने पुलिसकर्मियों को गढ़ बुलाकर उन्हें भी इस काम में लगाया गया। जिसके बाद पुलिस को सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने आरोपी की पहचान कर ली है। आरोपी गंगा पार का रहने वाला है और पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। उसके कुछ परिजनों को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए करीब 80 अधिकारी पुलिसकर्मी लगातार दबिश दे रहे हैं।
एएसपी सर्वेश कुमार मिश्रा ने बताया कि आरोपी की पहचान कर ली गई है। पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में जुटी हैं। पुलिस को मुख्य सुराग मिले हैं, जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।