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बिल्डरों के खिलाफ गुस्साए खरीदारों का हल्ला बोल, तलाक और आत्महत्या तक आई नौबत

Sun, 10 Jul 2016 05:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
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प्रदर्शऩ करते लोग - फोटो : अमर उजाला
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अलग स्थानों पर बिल्डरों के खिलाफ खरीदारों ने मोर्चा खोल दिया। कहीं बिल्डरों के खिलाफ प्रदर्शन तो कहीं थाने और डीएम के पास शिकायत दी गई। कई स्थानों पर बिल्डर साइटों पर हस्ताक्षर अभियान चलाया गया।
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खरीदारों की मानें तो कई घरों में तलाक तक की नौबत आ गई। यही नहीं कई खरीदार आत्महत्या तक की बात सोचने लगे हैं। वजह जिंदगी भर की गाढ़ी कमाई बिल्डरों को देने के बाद भी मकान का नहीं मिलना है। कई लोगों का घर चलाना मुश्किल हो गया है।

एक ओर घर का किराया और दूसरी ओर बैंक की ईएमआई उनकी रातों की नींद उड़ा चुकी है। बच्चों की स्कूल फीस तक कुछ लोग नहीं भर पा रहे हैं। ऐसे में उनके पास सड़क पर उतरने के अलावा कोई चारा नजर नहीं आया।
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प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन देंगे जेपी के खरीदार
सेक्टर-128 स्थित जेपी इंफ्राटेक साइट ऑफिस के बाहर खरीदारों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान करीब 250 लोगों ने जुटकर 13.5 वर्ग फीट के दो पत्रों पर हस्ताक्षर किए। हस्ताक्षर अभियान चलाने के बाद इस पत्र को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भेजा जाएगा।

 यही नहीं खरीदारों ने पिटिशन प्रिंटेड टी-शर्ट पहनकर प्रदर्शन किए। खरीदारों का कहना है कि बिल्डर ने 35,000 फ्लैट बनने का सपना दिखाकर पैसा ले लिया और आठ साल से कब्जा नहीं दिया। कई खरीदारों ने 80 लाख रुपये तक बिल्डर को दे रखे हैं। वहीं, अधिकांश खरीदारों ने 90 फीसदी राशि का भुगतान कर दिया है। 

सेक्टर-119 स्थित आम्रपाली प्लेटिनम में रहने वाले खरीदारों ने बिल्डर पर जबरदस्ती मेंटेनेंस चार्ज का आरोप लगाया है। फ्लैट मालिकों का कहना है कि चार साल से हम यहां रह रहे हैं, लेकिन फ्लैट की रजिस्ट्री नहीं हुई है।

सुविधा के नाम पर यहां कुछ भी नहीं है। इसे लेकर खरीदारों ने फेज-3 थाने में शिकायत की। इसके बाद उन्होंने आम्रपाली के सेक्टर-62 स्थित ऑफिस पर प्रदर्शन किया। यहां से निकलने के बाद उन्होंने डीएम ऑफिस का घेराव किया। 

सेक्टर-121 स्थित अजनारा होम्स के फ्लैट मालिकों ने शनिवार को सोसाइटी के बाहर प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि बिल्डर की ओर से बिजली बिल का मनमाना शुल्क वसूला जा रहा है।

 इसके अलावा प्रीपेड मीटर में मेंटेनेंस चार्ज का मसला भी बताया गया। इसे लेकर कई फ्लैट मालिक उग्र हो रहे थे। इस बाबत अजनारा होम्स की ओर से बताया गया कि प्रोजेक्ट का पजेशन दो साल पहले दे चुके हैं। 
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