नगर निगम के जलकल विभाग में तैनात तीन कर्मचारी ड्यूटी से गायब होने के बावजूद डेढ़ साल तक पूरी सैलरी लेते रहे।
अफसरों को जब पूरे मामले का पता चला तो कर्मचारियों की सैलरी रुकवाने के साथ-साथ अपनी फाइलें खंगलवा रहे हैं। एक महिला ने अफसर के फर्जी हस्ताक्षर करके छुट्टी भी ले ली। यह महिला अब ड्यूटी से नदारद है।
सूत्रों के मुताबिक वाटर वर्क्स में एक गैंगमैन जून 2011 में नियुक्त हुआ था। अगस्त 2011 तक काम कर यह सितंबर 2011 से बिना सूचना गायब हो गया। मामला खुला तो उसने अप्रैल 2013 तक मेडिकल लीव ले ली।
इसके बाद वह ड्यूटी पर नहीं आया। अफसरों को इसकी भनक तक नहीं लगी। जलकल के ही जूनियर पाइप लाइन फिटर मोबिन खान सितंबर 2014 से नदारद है।
मोबिन के खिलाफ एक महिला ने नाबालिग बेटी को भगा ले जाने की धाराओं में सिहानी गेट थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई है। विजय नगर में तैनात गैंगमैन भी जुलाई 2014 से बिना सूचना के ड्यूटी से नदारद है।
विजय नगर के जेई ईश्वर सिंह ने इसकी शिकायत निगम अधिकारियों को दी तो कर्मचारी की अनुपस्थिति दर्ज की गई। अधिकारियों ने इनमें से किसी के खिलाफ भी कार्रवाई नहीं की है।
मूलरूप से जलकल विभाग में तैनात एक महिला कर्मचारी ने निर्माण विभाग के सीनियर अफसर के फर्जी हस्ताक्षर पर छुट्टी ले ली। फिलहाल महिला निर्माण विभाग में तैनात हैं और कई महीने से छुट्टी पर है।
जलकल विभाग ने संदेह होने पर संबंधित अधिकारी से छुट्टी स्वीकृत किए जाने की पुष्टि की तो उन्होंने इससे इनकार कर दिया। इसकी रिपोर्ट अब नगर आयुक्त को भेजी जा रही है।