संगठन के अनुसार, 2 माह में जिन सात बच्चों की मौत हुई, उनकी स्थिति गंभीर होने और तत्काल मदद के लिए केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखी जा चुकी थी। अभी कुछ बच्चे और हैं, जो अस्पतालों में जिंदगी के लिए जंग लड़ रहे हैं। अब संगठन ने सुप्रीम कोर्ट जाने का निर्णय लिया है।
कई राज्यों में नहीं बनी कमेटी
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी का कहना है कि कई विभागों के शामिल होने के कारण योजना में देरी हुई है। अब तक कई राज्यों ने कमेटी तक नहीं बनाई है। पॉलिसी के मुताबिक, इलाज में केंद्र को 60 और राज्य को 40 फीसदी धन खर्च करना है।
दो माह में इन्होंने तोड़ा दम
दो माह के भीतर अहसान के अलावा गुजरात निवासी ईशा, यूपी निवासी फैजल अहमद खान, बिहार निवासी प्रियंका कुमारी, राजस्थान निवासी प्रिंसी, तमिलनाडु निवासी मनीस्वर्ण व केरल निवासी अग्रज गाउचर से दम तोड़ चुके हैं।