दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के शैक्षणिक सत्र 2025-26 में 79 स्नातक प्रोग्राम के पहले राउंड में ही आधी सीटें फ्रीज हो सकती हैं। कई नामी कॉलेजों में तो दूसरे राउंड में दाखिले के लिए कम ही सीटें बचेंगी।
शनिवार को जारी पहले सीट आवंटन के तहत कुल 71, 624 सीटों के लिए 93,166 सीटें आवंटित की गई थी। सोमवार शाम पांच बजे तक छात्रों के पास सीट स्वीकार करने का मौका था। इ तीन दिनों में 80,015 छात्रों ने सीट को स्वीकार कर लिया है।
31,008 छात्रों के दाखिले कॉलेजों ने मंजूर कर लिए जिसमें से 17,702 छात्रों ने अपनी आवंटित सीट से संतुष्ट होकर फीस का भुगतान कर दाखिला पक्का कर लिया है। कॉलेजों में बीकॉम ऑनर्स, बीकॉम, राजनीति शास्त्र ऑनर्स, अंग्रेजी ऑनर्स, इतिहास ऑनर्स, बीए प्रोग्राम कॉम्बिनेशन की सीटें ज्यादा स्वीकार की जा रही हैं।
रविवार तक कुल आवंटित सीटों पर 72,659 ने अपनी सीट को स्वीकार कर लिया था जबकि सोमवार शाम तक यह आंकड़ा 80 हजार को पार कर गया। इस तरह से पहले सीट आवंटन राउंड में ही बड़ी संख्या में सीट भरने की स्थिति बन रही है। ऐसे में नामी कॉलेजों में तो दूसरे राउंड मे कम ही सीटें बचने की संभावना है।
पहले राउंड में कितनी सीटें भरी इसकी सही स्थिति का पता 24 जुलाई तक ही चल सकेगा। डीयू प्रशासन ने इस बार रिक्त सीटों की समस्या से बचने और शैक्षणिक सत्र को एक अगस्त से शुरू करने के लिए अलग फॉर्मूला अपनाया है। इसके लिए नॉर्थ कैंपस कॉलेजों को छोड़कर सांध्यकालीन कॉलेजों में 80-100 फीसदी और मिडल कॉलेजों (39 कॉलेजों) में 20 से 35 फीसदी तक की अतिरिक्त सीटें आवंटित की गई हैं।
एसआरसीसी, हिंदू, हंसराज, मिरांडा हाउस, सेंट स्टीफंस कॉलेज में ज्यादा दाखिले हो रहे हैं। इन कॉलेजों को छात्रों ने अपनी प्राथमिकताओं में पहली पसंद बनाया था। डीयू दाखिला डीन प्रो. हनीत गांधी ने बताया कि अभी छात्रों के पास इस राउंड की फीस भुगतान करने के लिए 23 जुलाई तक का समय है। छात्रों को अपनी सीट को अपग्रेड करने का अवसर भी मिलेगा। अगला राउंड शुरू होने से पहले खाली सीटों की जानकारी भी जारी की जाएगी।