वहीं सूत्रों की मानें तो एम्स में जिस डॉक्टर के पास मरीज का उपचार चल रहा है उसे दूसरे से इलाज कराने में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए इलाज के मध्य अवकाश के चलते मरीज को कुछ दिन इंतजार की सलाह दी जाती है।
एम्स प्रबंधन के एक अधिकारी ने बताया कि दो चरणों में शीतकालीन अवकाश को रखा है। ताकि चिकित्सीय सेवाएं प्रभावित न हो सकें। अब किस चरण में कौन अवकाश पर जाएगा, इसकी जिम्मेदारी प्रबंधन ने विभाग को ही सौंपी है।
हालांकि डॉक्टर भी मरीजों को अवकाश के बाद ही दिखाने की सलाह दे रहे हैं। फिर भी जिन मरीजों को इसके बारे में जानकारी नहीं है वे संबंधित डॉक्टर से इस बारे में पता कर सकते हैं। ताकि अवकाश के चलते उन्हें एम्स में आकर परेशानी न हो।