वायरल हुआ खतरनाक तरीके से वाहनों को ओवरटेक करने का वीडियो, जांच में जुटी ट्रैफिक पुलिस
ऋषभ कौशल
नोएडा। नोएडा एलिवेटेड रोड पर तेज रफ्तार और खतरनाक तरीके से ओवरटेक करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें एक वैन चालक करीब आधे घंटे तक सड़क पर दूसरे वाहन चालकों की जान खतरे में डालता नजर आ रहा है। सोशल मीडिया पर एक यात्री ने वीडियो साझा कर घटना रविवार देर शाम की बताई है। ट्रैफिक पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।
वीडियो के अनुसार, यूपी 16 जीटी 6596 नंबर की वैन के चालक ने शुरुआत में चार वाहनों को तेज रफ्तार से ओवरटेक किया। इसके बाद उसने आगे चल रही एक कार को खतरनाक तरीके से ओवरटेक करने की कोशिश की, जिससे कार चालक की जान खतरे में पड़ गई। कार चालक ने वैन को रोकने का प्रयास किया, लेकिन करीब आधे घंटे तक सड़क पर ऐसी स्थिति बनी रही। पीछे चल रहे अन्य वाहन चालक भी सहमे नजर आए और धीमी गति से आगे बढ़ते रहे। डीसीपी ट्रैफिक सैय्यद अली अब्बास ने बताया कि वायरल वीडियो व उसमें दिख रहे वाहन को लेकर तमाम पहलुओं पर पड़ताल की जा रही है।
हर महीने हजारों वाहन चालकों पर कार्रवाई
शहर में खतरनाक तरीके से वाहन चलाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल सितंबर तक ऐसे मामलों में 10,990 वाहनों के चालान किए गए। इनमें मई से सितंबर तक चालान की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके बावजूद सड़क पर लापरवाही से वाहन चलाने की घटनाएं पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े कर रही हैं।
सितंबर तक 10,990 वाहनों के चालान
ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी में 313, फरवरी में 204, मार्च में 111, अप्रैल में 149 और मई में 1,642 वाहनों के चालान किए गए। जून में 2,013, जुलाई में 2,709, अगस्त में 2,413 और सितंबर में 1,436 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई हुई। इस तरह कुल चालान की संख्या 10,990 पहुंच गई।
पुलिस के अनुसार, तेज रफ्तार से ओवरटेक करना या ऐसा कोई कृत्य करना जिससे दूसरे लोगों की जान खतरे में पड़े, खतरनाक तरीके से वाहन चलाने की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में चालान के साथ गंभीर उल्लंघन पर प्राथमिकी भी दर्ज की जा सकती है।
यदि कोई वाहन चालक लोगों की जान खतरे में डालकर तेज गति से ओवरटेक करता है या ऐसा कोई काम करता है, जिससे दूसरों की जान को खतरा हो, तो हम ऐसे वाहनों के खिलाफ चालान की कार्रवाई करते हैं। गंभीर उल्लंघन के मामलों में प्राथमिकी भी दर्ज की जाती है।
-सैय्यद अब्बास अली, डीसीपी ट्रैफिक, गौतमबुद्ध नगर