अदालत ने शराब पीने से रोकने पर दांत से पत्नी की नाक काटने वाले शख्स की याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने उसे मिली एक साल और जुर्माने की सजा को बरकरार रखा है।
मंगलवार को अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि पीड़िता के बयान और मेडिकल रिपोर्ट से याची के दोष की पुष्टि होती है। नरेला निवासी दोषी ने मजिस्ट्रेट कोर्ट के फैसले को सत्र अदालत में चुनौती दी थी।
रोहिणी स्थित जिला व सत्र न्यायाधीश प्रदीप चड्ढा ने महेश सिंह की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उसने निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी थी।
अदालत ने कहा कि पीड़िता के बयान और एमएलसी से याची का दोष साबित होता है। निचली अदालत द्वारा उसे सजा सुनाए जाने का फैसला सही है बल्कि उसे कम सजा सुनाई गई है। अभियोजन के मुताबिक महेश सिंह ने शराब के नशे में 15 मई 2011 को पत्नी से गाली गलौज की।
उसने जब ऐसा करने से मना किया तो वह नाराज हो गया और दांत से उसकी नाक काट ली। निचली अदालत ने महेश सिंह को दोषी ठहराते हुए एक साल कैद व एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी।