बदलते मौसम के साथ वायरल बुखार और फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। खास तौर पर एच3एन2 इंफ्लूएंजा वायरस के संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं। डॉक्टरों ने लोगों को सावधानी बरतने और सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेषज्ञों के अनुसार, एच3एन2 फ्लू आमतौर पर बहुत ज्यादा खतरनाक नहीं होता और अधिकतर लोगों में इसके लक्षण सामान्य सर्दी-जुकाम जैसे ही होते हैं।
पल्मोनरी मेडिसिन के विशेषज्ञ डॉ. अक्षय बुधराजा ने बताया कि इस संक्रमण का असर मुख्य रूप से सांस की नली पर पड़ता है। इस कारण गले में खराश, हल्का गले का दर्द, खांसी, जुकाम और बुखार जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। अधिकतर लोग तीन से चार दिन में ठीक हो जाते हैं। बच्चों में यह संक्रमण पहले होता है और उनके माध्यम से परिवार के अन्य सदस्यों, खासकर बुजुर्गों तक फैल सकता है।
डॉक्टरों के अनुसार यदि परिवार में किसी व्यक्ति को खांसी, जुकाम या बुखार हो तो उसे अन्य सदस्यों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए और मास्क का इस्तेमाल करना चाहिए। गंगाराम अस्पताल के चेस्ट मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. बाबी भालोत्रा के अनुसार अभी ज्यादातर मामलों में सामान्य फ्लू और कॉमन कोल्ड जैसे ही लक्षण देखे जा रहे हैं।
बचाव के उपाय
-भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बुजुर्ग, बच्चे और गर्भवती महिलाओं को बचना चाहिए।
-सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का उपयोग करें।
-गले में खराश होने पर गुनगुने पानी से गरारे करें।
-तेज बुखार या सांस लेने में परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
-संक्रमण से बचने के लिए समय-समय पर हाथ धोते रहें।
-ठंडी चीजें खाने-पीने से बचें और फ्रिज का पानी न पिएं।