गुरुग्राम में मिस्त्री ने की आत्महत्या
- फोटो : सुदर्शन झा
लॉकडाउन में घर न जाने से परेशान राजमिस्त्री गंगा राम उर्फ गंगू (50) ने गुरुग्राम की सनसिटी के पास अरावली में पेड़ पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक 8 मई को गांव घाटा से घूमने के बहाने घर से निकला था। उसने कई बार पैदल ही घर जाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने रोककर वापस भेज दिया।
मूल रूप से मध्यप्रदेश के छतरपुर के गांव बूढ़ा निवासी गंगाराम गांव घाटा में पत्नी व बच्चों के साथ रहते थे। 3 महीने से क्षेत्र में एक ठेकेदार के पास काम कर रहे थे। ठेकेदार ने लॉकडाउन में उन्हें राशन तो दे दिया था, लेकिन वह परिवार समेत अपने गांव जाकर खेतीबाड़ी संभालना चाहते थे।
8 मई की सुबह गंगा राम घूमने जाने की बात बोलकर घर से निकले थे, लेकिन वह वापस नहीं आए। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन कुछ पता नहीं लगा। 8 मई को परिजनों ने इसकी शिकायत सेक्टर 56 थाने को दी।
पुलिस ने परिजनों को ये कहकर वापस भेज दिया कि वह ढूंढने के लिए कर्मियों को भेज रहे हैं। रविवार शाम को कुछ महिलाएं अरावली में लकड़ी चुनने गई थीं। महिलाओं ने गंगा राम को पेड़ से लटका देख उसके परिजनों को सूचना दी।
रात करीब 12 बजे पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। थाना क्षेत्र सेक्टर 53 का होने के कारण क्षेत्र की पुलिस मौके पर पहुंची। करीब 3 घंटे तलाश के बाद सोमवार सुबह 3 बजे शव बरामद हुआ।
पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया है। मृतक के भांजे रोशन ने बताया कि गंगा राम वापस मध्यप्रदेश जाने को लेकर तनाव में था। मामले की जांच कर रहे सहायक उप निरीक्षक जगदीश चंद ने बताया कि मामले में सीआरपीसी की धारा 174 के तहत कार्रवाई की जा रही है।