उधर, मामले में महिला आयोग की कार्यवाहक अध्यक्ष प्रीती भारद्वाज ने बताया कि उन्होंने मामले में अस्पताल प्रबंधन, पुलिस व युवती के पिता से पूछताछ की थी। युवती की सुरक्षा के लिए पुलिस को निर्देश देकर 24 घंटे सुरक्षा के लिए दो महिला पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। यह भी माना जा रहा है कि कई बार इलाज के दौरान मरीज को कुछ विचार आने लगते हैं। ऐसे में इन संभावनाओं से इंकार भी नहीं किया जा सकता कि यह युवती के दिमाग में बेहोशी के दौरान आने वाले कुछ विचार हों। पुलिस से इस बारे में हर स्तर पर रिपोर्ट ली जा रही है।
दूसरी तरफ अस्पताल प्रबंधन ने बयान जारी करते हुए कहा है कि युवती की हालत स्थिर है और उसे वेंटीलेटर से हटा दिया गया है। मामले की जांच में अस्पताल प्रबंधन पुलिस का सहयोग कर रहा है। अस्पताल का 58 फीसदी स्टाफ महिलाओं का है। महिला सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है।