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गुरुग्राम: वेंटिलेटर पर युवती के साथ नहीं हुआ था दुष्कर्म, सीसीटीवी फुटेज और बयान के बाद पुलिस ने दी जानकारी

Sat, 31 Oct 2020 08:27 PM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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गुरुग्राम सेक्टर-44 स्थित निजी अस्पताल के वेंटीलेटर पर भर्ती युवती से दुष्कर्म मामले में शनिवार को पुलिस ने युवती के बयान दर्ज कर लिए हैं। पुलिस आयुक्त के के राव ने बताया कि युवती के बयान, अस्पताल स्टाफ से पूछताछ व सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद युवती से दुष्कर्म न होने की पुष्टी हो गई है। पुलिस आयुक्त ने कहा कि फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।

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पुलिस आयुक्त केके राव ने देर शाम बयान जारी कर कहा कि पुलिस ने युवती के बयान दर्ज कर लिए हैं। अस्पताल स्टाफ से पूछताछ व सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद स्पष्ट हो गया है कि युवती के साथ दुष्कर्म नहीं हुआ है। युवती के वेंटीलेटर से हटने के बाद चिकित्सकों की राय पर शनिवार को युवती के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। 

वहीं, एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि युवती ने अपने बयान में यह भी कहा है कि उसे आशंका है कि इलाज के दौरान उसके कपड़े बदलते वक्त उसकी आपत्तिजनक फोटो खींची गई है, जिसे फेसबुक पर अपलोड करने की बात कही गई है। युवती ने कहा कि वह इन सभी बातों को निश्चित तौर पर तो नहीं कह सकती, लेकिन उसे इन सब हादसों के होने की आशंका है। इस बयान के बाद मामले में अब नया मोड़ आ गया है। इसकी जांच पुलिस ने शुरू कर दी है।
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पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि युवती की मेडिकल बोर्ड से जांच कराई गई है। बोर्ड में शामिल अधिकारियों ने कहा है कि युवती से दुष्कर्म की संभावना है। उन्होंने पहले हुई मेडिकल जांच पर ही अपनी राय दी है। युवती की गर्भवति जांच की रिपोर्ट भी नेगेटिव आई है। चिकित्सकों के बोर्ड ने दुष्कर्म की जांच से संबंधित कुछ सैंपल जांच के लिए लैब में भेजे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि यह सभी बयान युवती ने अपने पिता, काउंसलर, चिकित्सा अधीक्षक समेत अन्य की मौजूदगी में दिए हैं। इन बयानों में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस ने बताया कि इस मामले में अब तक युवती के इलाज में शामिल चिकित्सक, स्टाफ नर्स, वार्ड ब्वाय समेत अन्य करीब 15 से अधिक लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। युवती के पिता ने अस्पताल प्रबंधन पर भी आरोप लगाया था कि उन्होंने मामले में सीसीटीवी फुटेज उन्हें दिखाने से इंकार कर दिया। इसकी भी जांच की जा रही है। युवती ने पूर्व में दिए बयानों में एक स्टाफ नर्स पर बेसमेंट में लेकर जाने का आरोप लगाया था। ऐसे में उस स्टाफ नर्स का पता लगाकर जांच की जा रही है।

 

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उधर, मामले में महिला आयोग की कार्यवाहक अध्यक्ष प्रीती भारद्वाज ने बताया कि उन्होंने मामले में अस्पताल प्रबंधन, पुलिस व युवती के पिता से पूछताछ की थी। युवती की सुरक्षा के लिए पुलिस को निर्देश देकर 24 घंटे सुरक्षा के लिए दो महिला पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। यह भी माना जा रहा है कि कई बार इलाज के दौरान मरीज को कुछ विचार आने लगते हैं। ऐसे में इन संभावनाओं से इंकार भी नहीं किया जा सकता कि यह युवती के दिमाग में बेहोशी के दौरान आने वाले कुछ विचार हों। पुलिस से इस बारे में हर स्तर पर रिपोर्ट ली जा रही है।

दूसरी तरफ अस्पताल प्रबंधन ने बयान जारी करते हुए कहा है कि युवती की हालत स्थिर है और उसे वेंटीलेटर से हटा दिया गया है। मामले की जांच में अस्पताल प्रबंधन पुलिस का सहयोग कर रहा है। अस्पताल का 58 फीसदी स्टाफ महिलाओं का है। महिला सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है।
 

 
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