गुरुग्राम के प्रतिष्ठित स्कूल में सात साल के मासूम की गला रेतकर हत्या करने वाले छात्र को आज सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। प्रिंस मर्डर केस में नवंबर 2017 में गिरफ्तार हुए छात्र की जमानत याचिका सुनने से आज सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया।
आरोपी छात्र ने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा कि सीबीआई को 60 दिनों में चार्जशीट फाइल कर देनी चाहिए थी न कि 90 दिनों में। छात्र ने अपने बचाव में ये भी कहा कि उसे जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के अनुसार उम्रकैद नहीं हो सकती।
हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने उसकी दलीलों को दरकिनार कर दिया और कहा कि अदालत पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले को सही मानते हुए आरोपी भोलू की जमानत याचिका रद्द कर रही है। बता दें कि पंजाब हरियाण हाईकोर्ट ने भी भोलू की याचिका को खारिज कर दिया था।
गौरतलब है कि बीते 8 सितंबर को गुरुग्राम के एक प्रतिष्ठित इंटरनेशनल स्कूल के बाथरूम में सात साल के मासूम की गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस मामले में पहले गुरुग्राम पुलिस ने स्कूल के बस कंडक्टर अशोक आरोपी बनाया।
हालांकि जब यह जांच सीबीआई के पास गई तो एजेंसी ने इस मामले में स्कूल के ही एक छात्र भोलू को गिरफ्तार कर लिया। भोलू ने बताया कि उसने पीटीएम और परीक्षा टालने के लिए ऐसा किया था।