पुलिस आयुक्त ने मंगलवार को बताया कि सीबीआई की ओर से अदालत में दायर की गई चार्जशीट को उन्होंने नहीं पढ़ा है। ऐसे में वह यह नहीं कह सकते कि चार्जशीट में क्या रिपोर्ट तैयार की गई है।
मामले की जांच के शुरुआती दौर में पुलिस ने अशोक को हिरासत में लिया था, जिसने पूछताछ में जुर्म कबूल किया था। उससे पूछताछ जारी थी।
साथ ही मामले में जांच भी जारी थी कि मामला सीबीआई को ट्रांसफर हो गया। पुलिस आयुक्त ने कहा कि सीबीआई ने छात्र को आरोपी माना है। सीबीआई को छात्र के खिलाफ सबूत मिले हैं। ऐसे में अभी सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर होना बकाया है।
गौरतलब है कि 9 सितंबर को पुलिस आयुक्त संदीप खिरवार ने पत्रकारवार्ता का आयोजन कर अशोक को ही मुख्य आरोपी बताया था। साथ ही पुख्ता सबूत होने का दावा किया था।
एक सप्ताह में चार्जशीट दायर करने की बात भी कही थी। पुलिस आयुक्त से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जब तक उनके पास पुख्ता सबूत न हो जाते, वे चार्जशीट दाखिल न करते। जांच टीम पर कार्रवाई करने के सवाल पर पुलिस आयुक्त ने कहा कि अभी किसी पर भी कार्रवाई करने का आधार उनके पास नहीं है।
सीबीआई या अदालत द्वारा मामले में जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने की सिफारिश की जाती है तो कार्रवाई निश्चित तौर पर की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई चाहे विभागीय हो अथवा कानूनी तौर पर इसमें कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।