गुरुग्राम पुलिस ने नशीले पदार्थों की बड़ी खेप पकड़ने में सफलता हासिल की है। अपराध शाखा पालम विहार की टीम ने मंगलवार देर रात को द्वारका एक्सप्रेसवे-वे पर एक गाड़ी से 50 किलो गांजा व चरस बरामद की है। भारतीय बाजार में इसकी कीमत करीब 50 लाख रुपये आंकी जा रही है।
डीसीपी क्राइम राजीव देशवाल के मुताबिक इस नशीले पदार्थ को दूसरे देश से मंगाकर विशाखापट्टनम बंदरगाह पर उतारा गया था। फिर इसे गुरुग्राम समेत आसपास के क्षेत्रों में खपाने की योजना थी। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिन्हें 3 दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। तब इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकेगा।
साथ ही यह खेप किस देश से आई थी, इस बात का भी खुलासा हो सकेगा। तीन दिन पहले पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि विशाखापट्टनम से भारी मात्रा में सड़क मार्ग से नशीले पदार्थों की खेप गुरुग्राम आ रही है। सूचना के आधार पर पुलिस के आला अधिकारी इस मामले पर नजर रखे हुए थे।
द्वारका एक्सप्रेसवे के रास्ते मंगलवार रात को एक गाड़ी आई, तभी पालम विहार अपराध शाखा निरीक्षक बिजेंद्र कुमार व एएसआई प्रवीण समेत पूरी टीम ने गाड़ी को घेर लिया। पुलिस के मुताबिक गाड़ी सवार युवक गाजियाबाद निवासी हरिओम पुत्र अशोक कुमार और वरुण त्यागी उर्फ गोलू पुत्र जयप्रकाश ने भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने उन्हें दबोच लिया।
डीसीपी क्राइम के मुताबिक इस पूरे माल को गुरुग्राम समेत आसपास के क्षेत्र में खपाने की योजना थी। चुनाव के दौरान यह सबसे बड़ी खेप बरामद की गई है। दोनों आरोपियों को बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से तीन दिन की रिमांड पर लेकर आरोपियों से इनके गिरोह के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए गाड़ी का फर्श काटकर बना रखा था बेसमेंट
पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए शातिर तस्करों ने गाड़ी के फर्श को काटकर उसमें बेसमेंट बना रखा था। जिसमें 50 किलो गांजा और चरस को बोरियों में डालकर रखा हुआ था।
खाली गाड़ी देखकर पुलिसकर्मियों ने भी जांच नहीं की। यही कारण रहा कि विशाखापट्टनम से छह राज्यों की सीमा के गुजरने के बाद आरोपी गुरुग्राम तक पहुंच गए थे।
पुलिस के एक आला अधिकारी ने बताया कि शातिर तस्करों ने पुलिस से बचने के लिए गाड़ी के फर्श के नीचे करीब एक फुट गहरा बेसमेंट बना रखा था, जिसमें पूरे माल को व्यवस्थित तरीके से छिपाया गया था। उनके मुताबिक, आरोपी इससे पहले भी इसी तरीके से तीन बार नशीले पदार्थ की बड़ी खेप की तस्करी कर चुके हैं।
विशाखापट्टनम में इसके दाम 2 हजार रुपये प्रति किलो की दर मिलते थे जबकि गुरुग्राम लाकर यह इसे 6 से 8 हजार रुपये प्रतिकिलो भाव से बेचते थे। भारी मुनाफे के चलते तस्करों ने दिल्ली-एनसीआर में इसकी तस्करी शुरू कर दी थी।