बंधवाड़ी लैंडफिल से 14 लाख टन कूड़े से रिसने वाला जहरीला लीचेट पर्यावरण और वन्य जीवों के लिए खतरा बन रहा है। नगर निगम ने कूड़ा निस्तारण एजेंसियों पर नौ करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया, लेकिन लीचेट प्रबंधन में लापरवाही बरकरार है।
गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड स्थित बंधवाड़ी लैंडफिल पर पड़े लगभग 14 लाख टन कूड़े के पहाड़ से जहरीला पदार्थ यानी लीचेट रिसकर अब बंधवाड़ी गांव की ओर जा रहा है, जिसे रोकने के लिए नगर निगम की ओर से कवायद की जा रही है। नगर निगम ने कूड़ा निस्तारण करने वाली ग्रीन टेक कंपनी पर 5.80 करोड़ व आदर्श भारत पर 3.21 करोड़ रुपये जुर्माना लगाया गया है।
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ग्रामीणों का आरोप है कि बंधवाड़ी प्लांट में कचरा का निस्तारण कागजों में होता है, हकीकत में यहां हालात बहुत खराब हो रहे हैं। पांच दिन पहले लीचेट लैंडफिल के बाहर तक आ गया था और अब भी यहां पर लीचेट प्रबंधन नहीं होने के कारण पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है। नगर निगम के कूड़ा बंधवाड़ी लैंडफिल में डीटीआरओ खराब पड़े हैं और कुछ मात्रा में लीचेट को एसटीपी निस्तारण का कार्य प्राइवेट एजेंसियों ग्रीन टेक और आदर्श भारत को सौंपा हुआ है।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार लीचेट का प्रबंधन करना भी इन एजेंसियों की जिम्मेदारी है। साल भर पहले वन्य जीव विभाग ने निगम अधिकारियों को पत्र लिखकर लीचेट को जहरीली नदी बताते हुए इसे वन्य जीवों के लिए भी खतरा बताया था। बंधवाड़ी में लगभग 14 लाख टन से अधिक कूड़े का ढेर लग गया है।