सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद गुरुग्राम के 143 पब और बार पर इसका साफ असर दिखाई देगा। यहां सरकार को साल का 70.81 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होगा। वहीं, दिल्ली एनसीआर और आसपास से विभिन्न आयोजनों और सेलीब्रेशन के लिए आने वाले लोगों को कहीं और ठौर ढूंढना पड़ेगा।
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दिल्ली-एनसीआर भर के उन लोगों के लिए सुप्रीम कोर्ट का फैसला भारी पड़ता दिखाई दे रहा है जिन्हें पब-बार में पीने-पिलाने का शौक है। साथ ही इनके संचालकों को भी हाथ-पांव फूल रहे हैं।
राष्ट्रीय व राज्य राजमार्गों के 500-220 मीटर के दायरे में आने वाली शराब की दुकानों व पब-बार के खिलाफ आबकारी एवं कराधान विभाग द्वारा कार्रवाई का सिलसिला शुरू कर दिया गया है। आबकारी विभाग के अधिकारी का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुसार ही कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा।
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दिल्ली-एनसीआर के हजारों लोगों की महफिल जुटती है
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- फोटो : अमर उजाला
कोर्ट के निर्णय का सबसे अधिक असर साइबर सिटी के दिल कहे जाने वाले सेक्टर-29, डीएलएफ साइबर हब व सोहना रोड पर पड़ेगा। इसी क्षेत्र में सबसे अधिक दुकानों को विभाग ने चिन्हित किया है।
यह वह क्षेत्र हैं जहां रोजाना दिल्ली-एनसीआर के हजारों लोगों की महफिल जुटती है। इन्हीं के कारण देर रात तक यहां का माहौल गुलजार रहता है। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का असर यह होगा कि गुरुग्राम के 143 पब-बार में शराब नहीं परोसी जा सकती है। इसका असर यह होगा तो सरकार को साल में करीब 70.81 करोड़ रुपये के राजस्व का घाटा होगा।
आबकारी विभाग ने हाइवे के 500 व 220 मीटर स्थित शराब की दुकानों और पब-बार पर कार्रवाई का सिलसिला शुरू कर दिया है। इनके लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं किया जाएगा। इसमें से अकेले 34 पब-बार साइबर हब में हैं।
पब-बार में देर रात तक पीने-पिलाने का दौर चलता है
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- फोटो : अमर उजाला
साइबर हब गुरुग्राम का ऐसा स्थान है जहां पर देश और दुनिया की बड़ी-बड़ी कॉरपोरेट व आईटी-बीपीओ कंपनियां हैं। यहां पर काफी हाइप्रोफाइल लोग काम करते हैं। इसमें विदेशी नागरिकों की संख्या भी अच्छी खासी है। यहां स्थित पब-बार में देर रात तक पीने-पिलाने का दौर चलता है।
एनसीआर के सबसे आधुनिक शहरों में शुमार साइबर सिटी के एमजी रोड, सेक्टर-29 व साइबर हब में रात 12 बजे भी ऐसा माहौल होता है जैसे अभी दिन की शुरुआत हुई हो।
सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुसार, निगम क्षेत्र जिनकी आबादी 20 हजार या इससे कम हैं वहां 220 मीटर के दायरे में शराब की दुकानें नहीं होंगी। साइबर हब व सेक्टर-29 के पब-बार मालिकों का दावा है उनकी दुकानें 500 मीटर के दायरे में नहीं आती हैं। एसओआई 7 के प्रबंध निदेशक अश्वनी महाजन के मुताबिक साइबर हब की के पब-बार सुरक्षित हैं जो सुप्रीम कोर्ट के फैसले के दायरे में नहीं आते।
शराब परोसने की सुप्रीम कोर्ट की शर्तों पर अगर गौर किया जाए तो जो गुरुग्राम के गई होटलों में पीने-पिलाने का दौर समाप्त हो जाएगा। इसमें खेड़ीदौला स्थित होटल हयात, उद्योग विहार स्थित होटल ओबेरॉय, होटल ट्राइडेंट, सरहौल बार्डर स्थित होटल लीला केंपस्किन, सेक्टर-29 स्थित होटल क्राउन प्लाजा व वेस्टिन होटल पूरी तरह से रेड जोन मे आ सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जिला प्रशासन भी 220 व 500 मीटर में शराब परोसने को लेकर काफी सतर्क हो गया है। ऑसिस्टेंट एक्साइज एंड टैक्सेशन ऑफिसर प्रताप सिंह ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि इसे लेकर जिला उपायुक्त के साथ अधिकारियों की बैठक हो चुकी है।