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दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण फिर गंभीर स्तर पर, गुरुग्राम की हालत देश में सबसे खराब

Mon, 31 Dec 2018 05:39 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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air pollution - फोटो : फाइल फोटो
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राजधानी दिल्ली और एनसीआर के शहर एक बार फिर गंभीर प्रदूषण की चपेट में हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक प्रदूषण की मुख्य वजह तापमान में गिरावट और वातावरण में बढ़ती नमी है। कंपकंपाती ठंड के साथ प्रदूषण में बढ़ोतरी के कारण सभी उम्र और वर्ग के लोगों की परेशानी बढ़ गई है।

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सीपीसीपबी के मुताबिक मुख्य तौर पर मौसम में होने वाले बदलाव की वजह से प्रदूषण स्तर में कमी नहीं हो रही है। इसकी चपेट में दिल्ली समेत गुरुग्राम, गाजियाबाद, फरीदाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा भी होने की वजह से वायु प्रदूषण स्तर अभी भी गंभीर श्रेणी में बरकरार है।  

दिल्ली में रविवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 415, गुरुग्राम में 475, गाजियाबाद 441, फरीदाबाद 406, ग्रेटर नोएडा 427, नोएडा 426 रहा। हापुड़ में सूचकांक 413 जबकि बुलंदशहर में 430 रहा।  
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वायु गुणवत्ता सूचकांक अगर 0 से 50 हो तो इसे अच्छी हवा की श्रेणी में रखा गया है। 51-100 तक संतोषजनक, 101-200 मध्यम, 201 से 300 तक खराब, 301-400 को बेहद खराब जबकि 401 से अधिक होने पर प्रदूषण को गंभीर श्रेणी में माना गया है।  

हवा की नमी और धीमी रफ्तार के कारण बढ़ रहा है प्रदूषण   
सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फॉरकॉस्टिंग एंड रिसर्च (सफर) के मुताबिक रविवार को हवा में जबरदस्त नमी होने की वजह और हवा की धीमी रफ्तार की वजह से प्रदूषण स्तर में बढ़ोतरी के बाद गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। हवा की रफ्तार 2.2 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई है। जबकि चार किलोमीटर प्रतिघंटा से अधिक होने पर प्रदूषण फैलाने वाले कणों को बिखेर सकती है।   

सफर के मुताबिक, ये तीनों वजह उत्प्रेरक के तौर पर काम रहे हैं। सुबह के धुंध और कोहरा, आर्द्रता में बढ़ोतरी और हवा की धीमी रफ्तार के कारण प्रदूषण स्तर में बढ़ोतरी के बाद एक बार फिर गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। सफर का अनुमान है कि अगले दो दिनों तक हवा की रफ्तार में बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे प्रदूषण में मामूली गिरावट में दर्ज किए जाने की संभावना है।  

हवा में घुल गए खतरनाक पीएम कण  
सीपीसीबी की केंद्रीय निगरानी कक्ष के मुताबिक रविवार शाम छह बजे हवा में मौजूद पर्टिकुलेट मैटर-10(पीएम-10) और पीएम 2.5 में काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पीएम 2.5 आपात स्तर पर पहुंच गया है, जबकि पीएम 10 अभी भी गंभीर स्तर पर हैं। पीएम-2.5 का सामान्य स्तर 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर है, जो बढ़कर 320 पर पहुंच गया। पीएम 10 भी 394 के स्तर पर रहा, जिसे गंभीर की श्रेणी में रखा गया है। आर्द्रता में बढ़ोतरी से हालात और भी खराब हो गए हैं।  
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