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गुरुग्राम हिट एंड रन केस: आरोपी कल्याण बैंसला को दो दिन की पुलिस रिमांड, राइडर सिया को मारी थी टक्कर

Wed, 16 Sep 2026 02:26 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली/गुरुग्राम

सार

Gurugram Hit And Run Case: गुरुग्राम में हुए हिट एंड रन केस की पीड़िता सिया ने अपनी एक और प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि हमलावरों ने दिनदहाड़े सड़क पर उन्हें रोकने और परेशान करने की कोशिश की थी। पीड़िता ने हमलावरों की गिरफ्तारी पर असंतोष व्यक्त किया। रिमांड से पहले सिया ने कोर्ट में अपने बयान दर्ज करा दिए थे।
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गुरुग्राम हिट-एंड-रन मामला कल्याण बैंसला को दो दिन की पुलिस हिरासत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गुरुग्राम हिट-एंड-रन मामले में आरोपी कल्याण बैंसला के वकील ललित बिंदल ने जानकारी दी। वकील ने कहा कि अदालत ने पुलिस की रिमांड अर्जी स्वीकार करते हुए कल्याण बैंसला और लावनिश को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा है। इस मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर 2026 को निर्धारित की गई है।

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महिला बाइकर सिया ने अपने साथ हुई हिट-एंड-रन घटना को एक एक बार फिर बात की। उन्होंने बताया कि दिनदहाड़े सड़क पर उन्हें रोकने और परेशान करने की कोशिश की गई। इसके बाद उन्हें इतनी जोर से टक्कर मारी गई कि उनकी जान भी जा सकती थी।  

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महिला बाइक राइडर सिया - फोटो : अमर उजाला
चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए
सिया ने कहा कि उन्हें आरोपियों की गिरफ्तारी से कोई खास संतुष्टि नहीं मिली है। उनके अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया का सिर्फ पहला हिस्सा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल गिरफ्तारी से मामला पूरी तरह सुलझ नहीं जाएगा। सिया ने मांग की कि चारों लड़कों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए। साथ ही उन्हें कड़ी-से-कड़ी सजा मिलनी चाहिए। 

आगे कहा कि ऐसी सजा से एक मिसाल कायम होगी। इससे भविष्य में कोई भी लड़का किसी लड़की को परेशान करने से पहले दस बार सोचेगा। चाहे वह कार में हो या बाइक पर, उसे डर होना चाहिए। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
 
 

पीड़ित शिवानी उर्फ सिया - फोटो : अमर उजाला
'ऐसी घटनाएं मानसिक रूप से प्रभावित करती हैं'
सिया ने आगे बताया कि ऐसी घटनाओं से महिलाएं मानसिक रूप से बहुत प्रभावित होती हैं। यह केवल महिलाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि किसी भी व्यक्ति पर असर डालता है। सड़क पर यात्रा करते समय किसी व्यक्ति का इतना गंभीर एक्सीडेंट हो जाए। उसे लगे कि वह मर सकता है, तो यह उस पर लंबे समय तक असर डालता है। यह अनुभव व्यक्ति के मन में गहरा डर पैदा कर देता है।
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आरोपी कल्याण बैंसला - फोटो : सोशल मीडिया
'दोबारा बाइक राइडिंग करना मुश्किल होगा'
अपने अनुभव साझा करते हुए सिया ने कहा कि इस घटना के बाद उनके लिए वापस अपनी बाइक पर बैठकर सड़क पर चलना बहुत मुश्किल होगा। उन्हें नहीं पता कि यह दर्दनाक घटना उनके दिमाग से कब निकल पाएगी। यह मानसिक आघात लंबे समय तक बना रहेगा और सामान्य जीवन को प्रभावित करेगा।
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