जिला प्रशासन ने एक नई पहल के रूप में स्कूल में एक जल प्रबंधन प्रणाली स्थापित करने के लिए जल संसद भी शुरू की है। उपायुक्त अमित खत्री ने कहा कि जल संसद शुरू करने का उद्देश्य विद्यार्थियों की भागीदारी के माध्यम से ज्ञान को प्रसारित करना, और छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों और प्रशासन के बीच जागरूकता पैदा करना है।
साथ ही इसके पीछे स्कूल और घर में पानी के उपयोग और अपव्यय का लेखा जोखा करने के लिए कौशल विकसित करना और स्व: प्रेरित होकर काम करना और विद्यार्थियों में एक अपनत्व की भावना पैदा करने का भी उद्देश्य है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जिला के 260 निजी स्कूलों को एक पत्र भेजा गया है, जिसमें ब्रोशर के साथ अपने अपने स्कूलों में जल संसद स्थापित करने का आदेश दिया गया है।