मुख्यमंत्री मनोहर लाल मंगलवार को नूंह आए थे। इस पर नूंह विधायक आफताब अहमद ने कहा कि मुख्यमंत्री कहते कुछ और हैं और कार्रवाई कुछ और करते हैं। कुछ मीडिया चैनल और भाजपा के साथी संगठनों द्वारा गठित किसी जांच समिति के तथ्यहीन व बेबुनियाद आरोपों के बाद मंगलवार को प्रदेश की गठबंधन सरकार के मुख्यमंत्री मेवात आए थे। आरोप था कि मेवात में अनुसूचित जाति और हिन्दू समुदाय पर अत्याचार व धर्म परिवर्तन का दबाव डाला जाता है।
मुख्यमंत्री ने मेवात, सोहना से बीजेपी के सभी उम्मीदवारों, पदाधिकारियों, मनोहर सरकार के पहले कार्यकाल से जुड़े नेताओं, जजपा नेताओं को बुलाया था। तीनों कांग्रेसी विधायक भी बुलाए गए थे। दोनों समाज के 15- 15 लोग भी आमंत्रित किए गए थे। एक बंद कमरे में बिना मीडिया व बिना जिले के अधिकारियों के मीटिंग हुई। जिसमें शुरुआत नूंह विधायक व हरियाणा कांग्रेस विधायक दल के उप नेता चौधरी आफताब अहमद ने मेवात का पक्ष रखते हुए कहा कि मेवात में भाईचारा बहुत मजबूत है। जो हजारों साल पुराना है। जो देश की एकता अखंडता के लिए जाना जाता रहा है। सभी यहां अमन से रहते हैं। टीवी न्यूज चैनल द्वारा दिखाई जा रही बातें पूरी तरह से मनगढ़ंत हैं और मेवात को बदनाम करने की साजिश है।
आफताब अहमद ने विश्व हिन्दू परिषद की ओर से मेवात में हिन्दू उत्पीड़न की रिपोर्ट को खारिज कर दिया और कहा इलाके में हिन्दू-मुस्लिम एक थाली में खाते हैं। इसे खराब करने की साजिश रची जा रही है। जिसे हम होने नहीं देंगे। चौधरी आफताब अहमद ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को कहा कि कुछ न्यूज चैनलों की जवाबदेही तय करनी होगी। मुख्यमंत्री ने भी बैठक में कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
पुन्हाना विधायक मोहम्मद इलियास ने भी कहा कि मेवात में भाईचारा बहुत मजबूत है। फिरोजपुर झिरका विधायक मामन खान ने कहा कि मेवात के बारे में फैलाई जा रही सारी कहानी मनगढ़ंत है। मुख्यमंत्री की कथनी और करनी में अंतर देखकर तीनों कांग्रेसी विधायक सरकार से नाराज हैं।