सड़क दुर्घटना में घायल होकर कोमा में चला गया था युवक
शोर और धमक से बिगड़ने लगी तबीयत, अस्पताल जाते समय तोड़ा दम
संवाद न्यूज एजेंसी
तावडू। उपमंडल के गांव पिपाका में थार गाड़ी के सायरन और बारात में तेज डीजे साउंड की आवाज से 23 वर्षीय युवक की तबीयत बिगड़ गई और अस्पताल ले जाते वक्त उसकी मौत हो गई। युवक तीन-चार महीने पहले एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होकर कोमा में चला गया था और घर पर ही बेड रेस्ट पर था।
सरपंच शहजाद ने बताया कि युवक नावेद की करीब तीन-चार महीने पहले हुई सड़क दुर्घटना में सिर पर गंभीर चोट लगी थी, जिसके बाद वह कोमा में चला गया। वह घर पर ही आराम कर रहा था। बीती रात उसके घर के पास से एक बारात का काफिला गुजर रहा था, जिसमें थार सहित कई गाड़ियां शामिल थीं। इस दौरान एक थार गाड़ी से सायरन की तेज आवाज और बारात में बज रहे तेज डीजे साउंड की आवाज नावेद के कानों में पड़ी। इससे वह अचानक तिलमिला उठा, घबरा गया और उसकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि बरात में तेज डीजे साउंड और सायरन की आवाज ने नावेद की हालत को और गंभीर कर दिया, जिससे उसकी जान चली गई। जागरूक नागरिकों ने कई बार जिला प्रशासन और पुलिस से ऐसे हुड़दंगियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, लेकिन पुलिस की ओर से सिर्फ दावे किए जाते हैं, गंभीर कार्यवाही नहीं होती। मेवात जिले की सड़कों पर थार जैसी गाड़ियों पर युवकों द्वारा स्टंट करना और छत पर चढ़कर फोटो-रील्स बनाना आम बात हो गई है।