संवाद न्यूज एजेंसी गुरुग्राम। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति को लेकर एक बार फिर प्रशासनिक प्रक्रिया तेज हो गई है। शिक्षा निदेशालय ने निर्देश दिए हैं कि स्कॉलरशिप से जुड़े विद्यार्थियों के रिकॉर्ड को दोबारा जांचकर अपडेट किया जाए। कई मामलों में छात्रों के बैंक खाते और अन्य विवरण में त्रुटियां सामने आई हैं, जिसके कारण कई आवेदनों को निरस्त करना पड़ा था।
निदेशालय की समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के बैंक खाते की जानकारी, दस्तावेज या अन्य जरूरी विवरण सही तरीके से दर्ज नहीं किए गए हैं। ऐसे में संबंधित विद्यार्थियों को फिलहाल छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसी कारण विभाग ने सभी जिलों को रिकॉर्ड की दोबारा जांच कर सही डाटा भेजने के निर्देश जारी किए हैं।
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इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारियों को कहा गया है कि वे अपने-अपने जिले के विद्यालयों से छात्रों की बैंक पासबुक की प्रतियां और निर्धारित प्रारूप में संशोधित डाटा तैयार कराएं। इसके बाद यह जानकारी सॉफ्ट कॉपी और हार्ड कॉपी दोनों रूपों में 12 मार्च तक निदेशालय को भेजनी होगी।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय में सही डाटा उपलब्ध नहीं कराया गया और विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति मिलने में देरी होती है तो इसके लिए संबंधित कार्यालय के सहायक और विद्यालय प्रमुख की जिम्मेदारी तय की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ समय पर मिल सके।