एक ओर नूंह-होडल मार्ग की नूंह क्षेत्र में नहीं हुई मरम्मत दूसरी ओर नूंह-पलवल मार्ग के चौड़ीकरण योजना भी नहीं चढ़ी सिरे
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। नूंह जिले को जोड़ने वाली दो प्रमुख सड़कों नूंह से होडल व नूंह से पलवल की हालत खराब होने के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही लोगों को हर समय दुर्घटनाओं का भी खतरा बना रहता है। लेकिन अभी प्रशासन इस बात को लेकर गंभीर नहीं है। यही कारण है कि पलवल-नूंह व होडल-नूंह का निर्माण कार्य सिर्फ फाइलों में ही उलझकर रह गया है। नूंह से पलवल मार्ग को चौड़ा करने की योजना को एक वर्ष से भी ज्यादा समय स्वीकृत हुए हो चुका है, लेकिन इस मार्ग को चौड़ा करने की योजना सिरे नहीं चढ़ पाई है। जबकि योजना के लिए एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की तरफ से 137 करोड़ रुपये एक वर्ष पहले ही स्वीकृत हो गए थे। वहीं, नूंह-होडल मार्ग पर नूंह के क्षेत्र में लगभग 17 किलोमीटर मार्ग पर मरम्मत कार्य नहीं होने से सड़क में गड्ढे से हादसों का डर रहता है। कई बार यहां पर सड़क दुर्घटनाएं तक हो चुकी हैं। समय से विभाग की तरफ से कार्य न किया जाना दुर्घटनाओं का कारण बनता है, जिससे हर वर्ष कई लोग काल के गाल में समां जाते हैं।
पलवल से नूंह मार्ग की लंबाई करीब 32 किलोमीटर है। दोनों जिलों के मुख्यालयों को जोड़ने के लिए यह प्रमुख मार्ग है। यह सड़क सिंगल मार्ग के रूप में जानी जाती है। लेकिन नूंह व पलवल के जिले बनने व यहां पर मुंबई-दिल्ली एक्सप्रेसवे और केएमपी मार्ग बनने के बाद दोनों जिलों को जोड़ने वाले इस मार्ग पर वाहनों का दबाव होने के कारण हरियाणा रोड कॉरपोरेशन डवलपमेंट अथॉरिटी की तरफ से सड़क को फोर लेन बनाने का प्रस्ताव था। पिछले कई वर्षों से यह प्लान चल रहा था।
बीते वर्ष तत्कालीन उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने मंडकोला में मार्ग के लिए 137 करोड़ रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की थी। यह राशि एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की तरफ से जारी भी कर दी थी। लेकिन मार्ग पर पेड़ों की कटाई को लेकर योजना सिरे नहीं चढ़ सकी। संकरी सड़क पर आए दिन हादसे होते रहते हैं, जिसमें कई लोग अपनी जान गवां चुके हैं। लोगों का कहना है कि समय पर योजनाओं के तहत काम नहीं होने के कारण लोगों को असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। यही हाल नूंह से होडल के लिए जाने वाले 43 किमी लंबे मार्ग का है। यह मार्ग 2017 में बना था। मार्ग को जिस एजेंसी ने बनाया था, उसकी मरम्मत की जिम्मेदारी पांच वर्ष थी। वह अवधि 2021 में पूरी हो गई। उसके बाद मार्ग पर मरम्मत तक नहीं की गई।
लोक निर्माण विभाग के दोहरे मानक यहां भी देखने को मिले हैं। होडल से भीमसीका गांव तक सड़क का कार्य पलवल लोक निर्माण विभाग के अधीन है। जबकि भीमसीका गांव से आगे नूंह तक सड़क नूंह लोक निर्माण विभाग के अधीन है। पलवल लोक निर्माण विभाग ने अपने क्षेत्र में पांच माह पहले सड़क की मरम्मत करा दी। लेकिन नूंह क्षेत्र में अभी तक सड़क की मरम्मत तक नहीं हो पाई। हालांकि, विभाग कहता है इस बारे में प्रोसेस जारी है, लेकिन इतना धीमा है कि लोग मार्ग के जगह-जगह टूटने से परेशान हो चुके हैं ।
नूंह से होडल मार्ग की मरम्मत का टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जल्द ही काम शुरू होगा। पीछे चुनाव के दौरान आचार संहिता के कारण कुछ रुकावट आ गई थी। लेकिन इस मार्ग की नूंह एरिया में लास्ट सीमा तक मरम्मत होगी। पलवल मार्ग का मामला एचएसआरडीसी के अधीन है। पेड़ लगाने की प्रक्रिया वहां भी चल रही है। - सज्जन कुमार, कार्यकारी अभियंता, लोनिवि नूंह।