2015 में सेक्टर-10 थाने में बेटे के खिलाफ आई थी शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। करीब आठ साल पहले बेटे की शिकायत पर थाने पर आई सुनीता द्वारा पुलिस एएसआई के साथ हंगामा करते हुए उसकी वर्दी फाड़ने पर अदालत ने तीन महीने की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोषी महिला पर दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह आदेश ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास मानसी गौर की अदालत ने दिया है।
सेक्टर-10 थाने में तैनात एएसआई संजीव कुमार ने बताया कि सात जुलाई 2015 को तन्नु खन्ना अपने परिवार वालों के साथ थाने में बसई एन्क्लेव निवासी राहुल वर्मा के खिलाफ छेड़छाड़ की शिकायत लेकर आई थी। इस पर राहुल वर्मा को थाने में बुलाया गया। वह अपने मां सुनीता, पिता व भाई के साथ थाने में आया। महिला की तरफ से शिकायत होने के चलते महिला सेल को इसकी सूचना दी थी। इसी बीच दोनों पक्ष आपस में बात कर रहे थे। अचानक से सुनीता ने दूसरे पक्ष के साथ गाली-गलौज करने लगी। आवाज सुनकर वह सिपाही के साथ मामले को शांत कराने लगे।
इसी दौरान सुनीता ने एएसआई को धमकी दी कि वह उसकी वर्दी उतरवा देगी। इसके साथ ही उसका कॉलर पकड़कर खींच लिया और उसको थप्पड़ मारने शुरू कर दिया। सिपाही ने बचाने की कोशिश की तो उसके भी महिला ने पीटने की कोशिश की। इस दौरान एएसआई की वर्दी पर लगी नेम प्लेट व हरियाणा पुलिस का बैच भी टूट गया था। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने महिला को तीन माह कैद व दो हजार रुपये का जुर्माने की सजा सुनाई।