फर्जी एसआई बनकर अकाउंट में दो करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग होने का दिखाया डर
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। जालसाज ने 62 वर्षीय महिला को डिजिटल अरेस्ट कर 1,92,600 रुपये की ठगी की है। जालसाज ने पुलिस का फर्जी एसआई बनकर पीड़ित महिला को मनी लॉन्ड्रिंग में संलिप्तता का डर दिखाकर गिरफ्तारी होने की बात कही।
पीड़ित महिला की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित महिला एसीएमई सोलर होल्डिंग्स लिमिटेड सेक्टर-44 में प्रोजेक्ट कंसल्टेंट के पद पर नियुक्त है। डीएलएफ फेज-3 नाथूपुर निवासी वंदना तरफदार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 30 नवंबर 2024 को उसके मोबाइल पर अनजान नंबर से कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने बताया कि वह दिल्ली पुलिस मुख्यालय से एसआई अमित बोल रहा है। काॅल करने वाले ने महिला से कहा कि किसी ने उसके आधार कार्ड का गलत प्रयोग करके आईसीआईसीआई बैंक में खाता खुलवाया है। इस खाते से दो करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग का अपराध हुआ है। मामले की एफआईआर उनके पास दर्ज हुई है और इसमें एक बैंक कर्मचारी भी गिरफ्तार हो चुका है। जालसाज ने वंदना के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी होने व जेल जाने की बात कही। इसके बाद कॉल करने वाले अमित ने व्हाट्सएप वीडियो कॉल के माध्यम से वंदना को उसका बैंक खाते का सत्यापन करवाने के लिए कहा ताकि मनी लॉन्ड्रिंग में हुए लेनदेन का मिलान किया जा सके।
महिला ने अमित को बताया कि उसके बैंक खाते में रुपये नहीं हैं और एफडी भी प्रीमेच्योर है। इसके बाद जालसाज ने महिला को झांसे में लेकर एफडी तुड़वाने को कहा। उसने महिला को आश्वासन दिया कि एफडी का रुपया आरबीआई में जाएगा। एफडी टूटने से जो भी नुकसान होगा उसकी भरपाई आरबीआई करेगा। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तारी की बात सुनकर घबराई वंदना ने एफडी तुड़वाने के साथ अपने अकाउंट संबंधी तमाम जानकारी जालसाज अमित से शेयर कर दी। उसने जालसाज को यूजर आईडी व पासवर्ड भी बता दिया और चार बार ओटीपी शेयर किया। इसके बाद जालसाज ने वंदना के बैंक खाते से 1,92,600 रुपये अपने बैंक खातों में ऑनलाइन माध्यम से ट्रांसफर कर लिए। वंदना से कहा गया कि वह बात किसी को नहीं बताए क्योंकि उनको अभी अपराधी को पकड़ना है। इसके बाद भी आरोपी महिला के साथ संपर्क में रहा और व्हाट्सएप पर वीडियो भी कॉल करता रहा। जब जालसाज ने दूसरे बैंक खातों की जानकारी देने के लिए कहा तो वंदना की समझ में आ गया कि उसके साथ साइबर ठगी हुई है।