गुरुग्राम। कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलनकारी किसानों को पुलिस ने भले ही जिले में प्रवेश करने नहीं दिया है, लेकिन अब जिले में सक्रिय विभिन्न संगठनों ने संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले आंदोलन में कूदने की तैयारी कर ली है। इन संगठनों के प्रमुख पदाधिकारी जिले में आंदोलन शुरू करने के लिए बुधवार को बैठक कर रणनीति तय करेंगे।
जिले में मोर्चा का नेतृत्व कर रहे संतोख सिंह एडवोकेट ने बताया कि बैठक में कांग्रेस एवं आम आदमी पार्टी के नेताओं के अलावा किसान, श्रमिक आदि संगठनों के पदाधिकारी शामिल होंगे। इस दौरान वे जिले में किसान आंदोलन शुरू करने पर विचार विमर्श करेंगे। इसके अलावा आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेंगे। उनका प्रयास है कि जिले में भी किसान आंदोलन शुरू हो और सरहौल बॉर्डर जाम किया जाए। यहां जाम किए जाने के बाद दिल्ली के करीब-करीब सभी बॉर्डर बंद हो जाएंगे। इसके बाद केंद्र सरकार को किसानों की मांग मानने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
उधर मोर्चा से जुड़े आम आदमी पार्टी के दक्षिण हरियाणा के अध्यक्ष एवं पार्षद आरएस राठी ने बताया कि बैठक में दो योजनाओं पर विचार होगा। एक तो जिले में ही आंदोलन की शुरूआत की जाए, दूसरा राजस्थान बॉर्डर पर धरना दे रहे किसानों के समर्थन में वहां पर ही डेरा डाला जाए। मोर्चा के अधिकतर पदाधिकारी जिले में ही आंदोलन शुरू करने पर जोर दे रहे हैं। इस कारण उम्मीद है कि बैठक में जिले में ही आंदोलन शुरू करने का निर्णय होगा। मोर्चा के बैनर तले सोमवार को कृषि कानूनों एवं किसान आंदोलन के समर्थन में गुरुग्राम में मार्च किया गया था।