अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सेक्टर-10 थाना क्षेत्र में जीआरपी के जवान की गोली मारकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने शुक्रवार को मृतक की पत्नी सरिता को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं मृतक के बेटे पर भी संदेह है। इस मामले में सेक्टर-10 थाना प्रभारी ने बताया कि फिलहाल जांच की जा रही है। एएसआई राजबीर की मौत के बाद ही उसके बड़े भाई सतबीर ने राजबीर के बेटे पर हत्या का संदेह जताया था।
सतबीर ने बताया कि उसका भतीजा यश जमीन अपने नाम कराने को लेकर झगड़ा था और यश ने राजबीर को जान से मारने की धमकी भी दी थी। एएसआई राजबीर को तीन गोलियां लगी मिली हैं। शुक्रवार को राजबीर के शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
दरअसल, शिकोहपुर निवासी 50 वर्षीय राजबीर गुरुग्राम के सेक्टर-10 में पत्नी सरिता और बेटे अनु उर्फ यश यादव के साथ रहते थे। जहां करवा चौथ के दिन राजबीर की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। इस मामले में पुलिस ने सरिता को हत्या के आरोप गिरफ्तार कर लिया। सरिता की बाजू में एक गोली लगी थी, लेकिन शुक्रवार को डिस्चार्ज होते ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। थाना प्रभारी ने बताया इस मामले में जांच की जा रही है।
मृतक बेटे अनु उर्फ यश यादव पर भी संदेह है, जिसकी जांच की जा रही है।