गुरुग्राम। वायु प्रदूषण के स्तर में दो दिन बाद हल्का सुधार दर्ज किया गया है लेकिन हवा की गुणवत्ता अब भी खराब श्रेणी में बनी हुई है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, मानेसर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 234 दर्ज किया गया, जो खराब में आता है, जबकि गुरुग्राम का एक्यूआई 253, जो कि अभी भी खराब श्रेणी में है। जिला प्रशासन ने ग्रैप 3 की पाबंदियां लागू कर साथ ही पांचवीं तक के स्कूलों को हाइब्रिड मोड पर कर दिया है। शहर में एक्यूआई नापने के लिए चार स्टेशन लगे हुए हैं लेकिन तीन ही स्टेशन से आंकड़े जारी हो पाए हैं।
सुधार के बावजूद शहर की सड़कों पर उड़ती धूल की समस्या बनी हुई है। कई मुख्य चौराहों और सड़कों पर जमी धूल, औद्योगिक क्षेत्रों से निकलता धुआं, वाहनों का उत्सर्जन और निर्माण कार्यों की गतिविधियां वायु को प्रदूषित कर रही हैं। प्रशासन की ओर से इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही है। चिकित्सकों ने नागरिकों से मास्क पहनने, जरूरत न होने पर घर से बाहर न निकलने और निजी वाहनों के सीमित उपयोग की अपील की है, ताकि प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके। संवाद