-मंडी प्रशासन की लापरवाही से दो दिन पहले हुई बारिश का पानी मंडी परिसर में भरा
-व्यापारियों को उठाना पड़ रहा भारी नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
पुन्हाना। अनाज मंडी में सुविधाओं के अभाव और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही के चलते व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। दो दिन पहले हुई बारिश के बाद मंडी परिसर में भरा पानी अभी तक पूरी तरह नहीं निकाला जा सका है, जिसके कारण खुले में रखा गेहूं भीगकर अब काला पड़ने लगा है और सड़ने की स्थिति में पहुंच गया है। मंगलवार को हुई देर रात बारिश में भी गेहूं को बरसात से बचाने के लिए कोई खास इंतजाम नहीं किए गए।
मंडी में जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण बरसात का पानी कई जगहों पर जमा हो गया है। मार्केट कमेटी की ओर से पानी निकालने के लिए पंप तो लगाया गया, लेकिन वह पर्याप्त साबित नहीं हो रहा है। नतीजतन मंडी में जगह-जगह जलभराव बना हुआ है और गेहूं की बोरियां व खुले में रखा गेहूं पानी में भीग कर खराब हो रहा हैं। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि हर साल बारिश के दौरान इसी तरह की स्थिति उत्पन्न होती है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। हालांकि, नुकसान के डर और प्रशासनिक दबाव के चलते अधिकांश व्यापारी खुलकर अपनी बात रखने से बच रहे हैं। भीगा हुआ गेहूं न केवल गुणवत्ता में गिरावट लाता है, बल्कि गोदामों में रखने के बाद सड़ने लगता है।
गौरतलब है कि अनाज मंडी जैसे महत्वपूर्ण स्थल पर जल निकासी, शेड और भंडारण जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होना बेहद जरूरी है। इसके बावजूद संबंधित विभाग इन व्यवस्थाओं को सुधारने में गंभीरता नहीं दिखा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंडी परिसर में गत वर्ष पानी की निकासी के लिए डाली गई सीवर लाइन व सड़क निर्माण में जमकर भ्रष्टाचार हुआ जिसके कारण करोडो रूपये की खर्च की गई राशि का यहां के व्यापारियों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है।-
पानी निकासी की मांग :
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मंडी में स्थायी जल निकासी व्यवस्था, पक्के प्लेटफार्म और पर्याप्त शेड की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति से बचा जा सके। फिलहाल, बारिश के बाद मंडी में पसरी अव्यवस्था किसानों और व्यापारियों दोनों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। इस संबंध में एसडीएम अमित कुमार से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया।