- जीएसटी में प्रस्तावित सुधार और स्लैब कम होने का व्यापार और उद्योग जगत ने किया स्वागत
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिवाली पर जीएसटी (गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स) की दरों में कमी लाने की घोषणा की है। जीएसटी की दरों में सुधार की मांग व्यापारी लंबे समय से कर रहे हैं। इस प्रस्ताव के बाद गुरुग्राम के उद्यमियों और व्यापारियों का मानना है कि जीएसटी कम होगा तो वस्तुओं की कीमतें कम होंगी और व्यापार बढ़ेगा।
इसके दायरे में ज्यादा व्यापारी आ सकेंगे। उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ेगी। उद्योगों पर दबाव कम होगा। उद्यमियों का कहा है कि यदि सरकार 18 प्रतिशत की जगह जीएसटी की दर को 12 प्रतिशत तक लेकर आए तो इसका ज्यादा लाभ मिलता। व्यापारी जीएसटी को 18 प्रतिशत की जगह 12 प्रतिशत पर लाने की मांग कर रहे थे।
वर्जन
हमें जीएसटी के दो स्लैब 5 प्रतिशत और 12 प्रतिशत की उम्मीद थी। हमारी मांग है कि जीएसटी 18 से 12 प्रतिशत पर लाया जाए। इससे केवल उत्पादन ही नहीं बढ़ेगा बल्कि इससे उपभोक्ताओं में भी बढ़ोतरी होगी
- राजेश गुप्ता, अध्यक्ष, मानेसर इंडस्ट्रीज वेलफेयर एसोसिएशन
जीएसटी दरों में प्रस्तावित कटौती व्यापारियों के लिए सीधी राहत और ग्राहकों के लिए सस्ती कीमतों की सौगात है। इससे बाजार में मांग को गति मिलेगी। छोटे और मझोले कारोबारियों को प्रतिस्पर्धा में बढ़त मिलेगी।
- डॉ. मंदीप किशोर गोयल, अध्यक्ष, अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन
इससे अधिकतर वस्तुएं सस्ती होंगी। व्यापारियों के पास नगदी बढ़ेगी। जीएसटी रजिस्ट्रेशन बढ़ेंगे। ज्यादा व्यापारी टैक्स के दायरे में आएंगे। टैक्स कलेक्शन बढ़ेगा और अर्थव्यवस्था बेहतर होगी। सभी इसका इंतजार कर रहे थे।
- पंकज वर्मा, टैक्स विशेषज्ञ
जीएसटी रिफंड, रिटर्न फाइलिंग और पंजीकरण को तकनीकी और कानूनी रूप से सरल बनाने का प्रस्ताव है। ये बदलाव आधारभूत और अर्थव्यवस्था को बल देने वाले रहेंगे। दैनिक उपभोग की वस्तु और सेवाएं सस्ते दामों पर उपलब्ध होने की उम्मीद है।
- अजय शर्मा, सीए एवं जीएसटी विशेषज्ञ