- दो साल बाद शुरू हुई सुविधा, 25 खिलाड़ी ले रहीं प्रशिक्षण, बढ़ा आत्मविश्वास
शिवम राजपूत
गुरुग्राम। जिले में करीब दो साल बाद भारोत्तोलन की खेल नर्सरी फिर से शुरू होने से बेटियों को बड़ा मंच मिला है। इस पहल से उन खिलाड़ियों को खास फायदा हो रहा है, जो संसाधनों और प्रशिक्षण की कमी के कारण अपने सपनों को पूरा नहीं कर पा रही थीं। अब उन्हें अपने ही जिले में नियमित अभ्यास, कोचिंग और प्रतियोगिताओं की तैयारी का अवसर मिल रहा है। नर्सरी बंद होने के दौरान कई खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए दूसरे जिलों या निजी अकादमियों पर निर्भर रहना पड़ता था। आर्थिक दिक्कतों और दूरी के कारण कुछ खिलाड़ियों ने खेल छोड़ भी दिया था। ऐसे में नर्सरी दोबारा शुरू होने से खिलाड़ियों और उनके परिवारों में खुशी का माहौल है।
फिलहाल नर्सरी में 25 महिला खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रही हैं, जिनमें स्कूल और कॉलेज की छात्राएं शामिल हैं। खिलाड़ी सुबह-शाम नियमित अभ्यास कर रही हैं। उन्हें तकनीकी प्रशिक्षण के साथ-साथ फिटनेस और मानसिक मजबूती पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही खिलाड़ियों को डाइट भत्ता भी दिया जा रहा है, जिससे उनकी तैयारी और बेहतर हो सके। खिलाड़ियों का कहना है कि अब उन्हें बाहर नहीं जाना पड़ेगा और जिले में ही बेहतर तैयारी हो सकेगी। इससे राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने का मौका मिलेगा।
कोट-
अब जिले में सुविधा मिलने से आत्मविश्वास बढ़ा है, परिवार का सहयोग भी मिला है। – किरण
पहले दूर जाना पड़ता था, अब यहीं बेहतर तैयारी हो रही है और समय भी बच रहा है। – सबीना
नर्सरी से नियमित अभ्यास और प्रतियोगिता की तैयारी पहले से मजबूत हुई है। – हांशी
कोच और बेहतर उपकरण मिलने से आत्मविश्वास बढ़ा, प्रदर्शन की उम्मीद भी बढ़ी। – नेहा
नर्सरी शुरू होने से उत्साह बढ़ा, अब बाहर जाने की जरूरत नहीं रही। – मोहिनी
जिले में सुविधा से पढ़ाई और खेल दोनों को संतुलित करना आसान हुआ। – तान्या
नर्सरी शुरू होने से बेटियों को स्थानीय स्तर पर बेहतर प्रशिक्षण मिला है, लक्ष्य उन्हें राज्य व राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना है। – मनी लाल यादव, प्रशिक्षक