जीएमडीए ने झील को विकसित कराने का तैयार किया प्लान, वोटिंग समेत अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना
मनोज धर द्विवेदी
गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण ने सेक्टर-53 स्थित वजीराबाद झील को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना तैयार की है। इसके लिए प्राधिकरण ने एक एजेंसी से झील के सौंदर्यीकरण और पर्यटन सुविधाओं के विकास का विस्तृत खाका तैयार कराया है। योजना के तहत झील में बोटिंग, कैफे, वॉकिंग ट्रैक और अन्य मनोरंजन सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
जीएमडीए अधिकारियों के अनुसार, परियोजना का उद्देश्य झील क्षेत्र को पर्यावरणीय रूप से संरक्षित रखते हुए लोगों के लिए बेहतर पर्यटन और मनोरंजन स्थल के रूप में विकसित करना है। इससे स्थानीय नागरिकों को खुला और प्राकृतिक सार्वजनिक स्थान मिलेगा। वहीं, शहर में पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। योजना के तहत झील क्षेत्र में हरित विकास, बैठने की व्यवस्था, वॉकिंग ट्रैक, सौर ऊर्जा आधारित सुविधाएं और सिंथेटिक वॉकिंग ट्रैक विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा झील में बोटिंग सुविधा शुरू करने की भी तैयारी है।
अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी द्वारा तैयार कार्य योजना पर जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के साथ चर्चा के बाद आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी। हाल ही में डीटीपीई द्वारा झील के आसपास बड़े स्तर पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी की गई है, जिसके बाद अब प्राधिकरण झील के विकास पर विशेष ध्यान दे रहा है।
जीएमडीए पहले भी वजीराबाद झील को सुखना लेक की तर्ज पर विकसित करने की योजना बना चुका है, लेकिन वह पूरी तरह लागू नहीं हो सकी थी। अब प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी इस परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। करीब 18 एकड़ क्षेत्र में फैली इस कृत्रिम झील में शोधित जल का उपयोग किया जा रहा है। पहले चरण में यहां बड़े स्तर पर पौधरोपण भी किया गया था। हालांकि अभी तक झील पूरी तरह विकसित नहीं हो पाई है, जिसके कारण आम लोग इसका पूरा लाभ नहीं उठा पा रहे। स्थानीय निवासी दिनेश कुमार ने बताया कि झील के आसपास अभी भी गंदगी की समस्या है और अधूरे कार्यों के कारण लोग वहां जाने से बचते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में झील का विकास कार्य पूरा होने के बाद यह क्षेत्र लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा।
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वजीराबाद झील को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए विस्तृत योजना तैयार की गई है। इसमें सिंथेटिक वॉकिंग ट्रैक, सौर ऊर्जा, कैफे एरिया, बोटिंग समेत कई सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव है। इस पर जल्द कार्य शुरू कराया जाएगा। - विश्वजीत चौधरी, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी जीएमडीए