झील के चारों और घेराबंदी का काम करा रहा है जीएमडीए, कैफेटेरिया में खाने का आनंद ले सकेंगे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। वजीराबाद में बन रही कृत्रिम झील गुरुग्राम के लिए टूरिस्ट हब बनेगी। यहां बोटिंग की सुविधा मिलेगी। कैफेटेरिया बनेगा ताकि लोग आकर खाने और बोटिंग का आनंद ले सके। पहले चरण के कार्य में 18 एकड़ में बन रही इस झील में फेंसिंग का काम किया जा रहा है।
जीएमडीए प्रवक्ता ने बताया कि इसके चारों ओर घेराबंदी का काम पूरा होने के बाद यहां छोटे बोट में जल विहार के लिए किसी कंपनी को दिया जाएगा। यह पहला चरण है, इसे आगे और विकसित कर पर्यावरण संरक्षण के साथ दर्शनीय स्थल बनाने की योजना है। यहां काफी मात्रा में पेड़ पौधे भी लगाए गए हैं। बहुत सारे पेड़ पौधे इस इलाके में पहले से भी हैं। कुल मिलाकर गुरुग्राम समेत एनसीआर के लिए एक सुरम्य वातावरण में आनंद के क्षण बिताने का मौका लोगों को मिलेगा।
भूजल संरक्षण और शोधित जल के आदर्श प्रयोग के साथ मनोरंजन
सेक्टर 53 में वजीराबाद के पास चंडीगढ़ के सुखना लेक की तरह एक कृत्रिम झील बनाई जा रही है। यह भूजल संरक्षण, शोधित जल का आदर्श प्रयोग और पर्यटन की दृष्टि से लोगों के आकर्षण का केंद्र बनेगी। पर्यावरण संरक्षण और अरावली की पहाड़ियों से आने वाले पानी को सेक्टरों और सोसाइटियों में जाकर जल भराव से रोकने की दिशा में इस झील को एक उपाय के तौर पर देखा जा रहा है। वजीराबाद में पहले से मौजूद जोहड़ का विस्तार करके करीब 18 एकड़ में कृत्रिम झील को तैयार किया जा रहा है।
सफल रहा है शोधित जल को यहां पहुंचाने का प्रयोग
वजीराबाद में बनाई जा रही कृत्रिम झील में सीवेज शोधित जल (ट्रीटेड वाटर) डालने का प्रयोग सफल रहा है। इससे झील तैयार होने की राह आसान हो गई है। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से झील तक पाइप लाइन बिछाई गई है और इससे लगातार पानी भरा जा रहा है। इसके अलावा अरावली की पहाड़ियों से निकलने वाला बारिश का पानी भी इसमें जमा होगा, इससे शहर के कई इलाकों में जल भराव नहीं होगा और भूजल संरक्षण भी हो सकेगा। इस प्रोजेक्ट को पर्यटन की दृष्टि से भी तैयार किया जा रहा है।
एनसीआर के पर्यटकों को आकर्षित करने के अन्य उपाय भी किए जाएंगे। फिलहाल इसके चारों ओर घेराबंदी कराई जा रही है ताकि सुरक्षा की दृष्टि से इसे पुख्ता किया जा सके। - सुभाष यादव, एडिशनल सीईओ, जीएमडीए