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Gurugram News: जल संकट के बीच भारी पड़ रही पानी की बर्बादी

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नगर निगम की कार्रवाई के बाद भी नहीं थम रहे पानी की बर्बादी के मामले
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नंबर गेम -80 लोगों पर लग चुका 1.60 हजार रुपये का जुर्माना

संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिले में गहराते जल संकट के बीच पानी की बर्बादी भारी पड़ रही है। नगर निगम की सख्ती के बावजूद लोग पीने के साफ पानी को व्यर्थ बहाने से बाज नहीं आ रहे हैं। एक तरफ जहां शहर के कई इलाके बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ धड़ल्ले से हो रही पानी की बर्बादी स्थिति को और गंभीर बना रही है। इस लापरवाही पर लगाम लगाने के लिए नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया के निर्देश पर चारों जोन में एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। निगम की टीम ने पानी का दुरुपयोग करने वाले 80 लापरवाह नागरिकों को पकड़कर उनके चालान काटे हैं। इन सभी पर कार्रवाई करते हुए अब तक कुल एक लाख 60 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि जल संकट के इस दौर में पानी की हर बूंद कीमती है, और भविष्य में बर्बादी करने वालों पर इससे भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

विभागीय उदासीनता से परेशान हैं लोग
सी ब्लॉक में मकान संख्या 800 की लाइन में काफी कम प्रेशर में पानी आ रहा है। बूस्टिंग स्टेशनों पर जो नए मोटर लगे थे, वे पूरी तरह फंक्शनल नहीं है। कुछ मोटरों की मरम्मत की भी जरूरत है। -दीपक वर्मा, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष सुशांत लोक वन
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रामप्रस्था सिटी में 750 केएलडी पानी की जरूरत है मगर 300 से 350 केएलडी ही मिल रहा है। ऐसे में सोसाइटी में टैंकर मंगाकर पानी का काम चलाना पड़ रहा है। टैंकर के पानी की गुणवत्ता सही नहीं होती है। -अतनु भट्टाचार्य, रामप्रस्था सिटी सेक्टर 37 डी

जुलाई 2022 में जब बिल्डर से टाउनशिप निगम को हस्तांतरित हुई थी तब से पंप, मोटर आदि का रखरखाव नगण्य रह गया है। टाउनशिप के लिए 34 लाख लीटर पानी देने तय है मगर स्टोरेज के लिए यूजी टैंक 9 लाख की क्षमता का है। -सुदक्षणा लाहा, आरडब्ल्यूए महासचिव, सुशांत लोक थ्री
अंतिम छोर पर होने के कारण डीएलएफ फेज -2 के लोग हर साल गर्मी में पानी के लिए जूझते हैं। 8 साल पहले यहां जे ब्लॉक में टैंक बनाने के लिए टेंडर तक बात गई थी मगर आज तक टैंक नहीं बना। जीएमडीए से काफी कम पानी मिल रहा है। -अनिल नंदा, डीएलएफ फेज -2
इलाके में काफी कम पानी मिल रहा है। इलाके में पानी जरूरत और उपलब्ध इंफ्रास्ट्रक्चर का ऑडिट होना चाहिए। कुछ समरसिबल भी बंद हो गए क्योंकि बगैर भूमि की जांच किए उन्हें बना दिया गया है, बाद में उसमें से गंदा पानी आने के कारण उसे बंद करना पड़ा। -पवन यादव, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष सुशांत लोक 2-3
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हमारी सोसाइटी में 600 परिवार रहते हैं। सोसाइटी के लिए 6 लाख लीटर पानी प्रति दिन के लिए स्वीकृत है मगर बमुश्किल एक से डेढ़ लाख लीटर पानी मिल रहा है। काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। -राजेश गेरा, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष, सूर्या विहार, सेक्टर- 21
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