- गुरुवार को जलस्तर 614.9 फीट दर्ज किया गया, राहत कार्य है जारी
पलवल। गुरुवार सुबह यमुना नदी का जलस्तर 614.9 फीट दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 615 फीट है। प्रभावित इलाकों में प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है। गौरतलब है कि पिछले कई दिनों से हथिनीकुंड बैराज से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है।
जिले में यमुना नदी इस समय सामान्य से कई गुना अधिक चौड़ाई में बह रही है। यमुना के करीब बसे गांव और खेतों में खड़ी हजारों एकड़ फसल जलमग्न हो गई है। प्रभावित क्षेत्रों में इंदिरा नगर, मौहबलीपुर, बागपुर, दोस्तपुर, भोल्डा, सोलड़ा, राजूपुर, शेखपुर समेत लगभग 20 गांव शामिल हैं। इन गांवों में जलभराव से जनजीवन प्रभावित हो गया है।प्रशासन ने चेतावनी जारी कर ग्रामीणों से अपील की है कि वे नदी के किनारे न जाएं। यमुना का जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों की ओर रुख करें। वहीं, स्वास्थ्य विभाग और पशुपालन विभाग की टीमें भी अलर्ट पर हैं।
मोहना अनाज मंडी में बनाया गया सेफ शेल्टर
यमुना नदी के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोत्तरी के चलते खादर क्षेत्र के कई गांव प्रभावित हुए हैं। जिला प्रशासन ने मोहना स्थित अनाज मंडी को अस्थायी सेफ शेल्टर में तब्दील कर दिया है। सेफ शेल्टर में प्रभावित लोगों व उनके पशुओं के लिए समुचित राहत व पुनर्वास की व्यवस्था की गई है।
जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि शेल्टर में रह रहे लोगों को भोजन, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं व पशुओं के लिए चारा और पशु चिकित्सा उपलब्ध करवाई जा रही हैं। चिकित्सक टीमों को तैनात किया गया है, जो लगातार लोगों व पशुओं की जांच कर रही हैं। प्रभावित ग्रामीणों ने प्रशासन द्वारा दी गई सुविधाओं पर संतोष जताया है। उनका कहना है कि समय रहते उन्होंने अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थान पर शरण ली, जिससे जान-माल का नुकसान नहीं हुआ।इसके अतिरिक्त गांव दोस्तपुर, राजूपुर खादर, बागपुर खुर्द आदि स्थानों पर भी कई चौपालों, किसान विकास केंद्रों और विद्यालयों को राहत केंद्र के रूप में चिह्नित किया गया है।