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Gurugram News: 100 एमएलडी संयंत्र की टेस्टिंग के लिए बिजली कनेक्शन का इंतजार

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जीएमडीए मई अंत तक ट्रायल शुरू करने की तैयारी में जुटा
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100 एमएलडी संयंत्र बनने से प्लांट की क्षमता 500 एमएलडी हो जाएगी।

अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) चंदू बुढ़ेरा स्थित पांचवें 100 एमएलडी जल शोधन संयंत्र की टेस्टिंग और ट्रायल शुरू करने की तैयारी में जुटा है। हालांकि, बिजली कनेक्शन संबंधी समस्या के कारण मोटर और अन्य उपकरणों की जांच फिलहाल नहीं हो पा रही है।
चंदू बुढ़ेरा पेयजल संयंत्र में 100 एमएलडी क्षमता वाली पांचवां यूनिट लगभग तैयार हो चुकी है और इसी माह इसकी टेस्टिंग शुरू किए जाने की योजना है। अधिकारियों के अनुसार, बिजली कनेक्शन और संबंधित व्यवस्था पूरी नहीं होने से ट्रायल रन शुरू होने में देरी हो रही है। संयंत्र के ट्रायल के दौरान सभी मशीनों और सिस्टम की क्षमता की जांच की जाती है, जिसमें करीब 15 दिन का समय लगता है। ऐसे में अब संयंत्र के जून तक पूरी तरह क्षमता से संचालन में आने की संभावना जताई जा रही है।
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जीएमडीए द्वारा यूनिट-5 के लिए 11 केवी सर्किट तैयार किया जा रहा है। इसके तहत 630 केवी ट्रांसफॉर्मर की मरम्मत, एचटी केबल बिछाने और अन्य संबंधित कार्य किए जाएंगे। इस कार्य पर करीब 5.32 लाख खर्च किए जाएंगे। यह सिस्टम बनने के बाद संयंत्र के संचालन में पर्याप्त बिजली उपलब्ध होगी।
जीएमडीए के कार्यकारी अभियंता (वाटर) अभिनव वर्मा ने बताया कि चंदू बुढ़ेरा संयंत्र में 100-100 एमएलडी के चार यूनिट पहले से संचालित हैं। पांचवें संयंत्र का कार्य लगभग पूरा हो चुका है और 30 मई तक मशीनरी एवं अन्य सिस्टम लगाने के बाद ट्रायल शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि नया यूनिट शुरू होने के बाद शहर में 100 एमएलडी अतिरिक्त पानी उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने बताया कि जीएमडीए शहर में बढ़ती पेयजल मांग को ध्यान में रखते हुए जल शोधन क्षमता बढ़ाने पर काम कर रहा है।
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न्यू गुरुग्राम में तेजी से बढ़ रही पानी की मांग
द्वारका एक्सप्रेसवे के निर्माण के बाद न्यू गुरुग्राम के सेक्टरों में तेजी से विकास हो रहा है। नए आवासीय और व्यावसायिक प्रोजेक्ट बढ़ने से आने वाले समय में पेयजल की मांग और अधिक बढ़ने की संभावना है। चंदू बुढ़ेरा जल शोधन संयंत्र तक करीब 65 किलोमीटर लंबे एनसीआर चैनल के माध्यम से पानी पहुंचता है। पूरे शहर में बसई और चंदू बुढ़ेरा संयंत्र से पानी सप्लाई होता है। लोगों का कहना है कि समय से संयंत्र बन जाता तो गर्मियों में लोगों को पेयजल से राहत मिलती लेकिन जीएमडीए की लेटलतीफी से आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
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