गुरुग्राम। मैं डाक्टर हूं, मुझे अस्पताल में नौकरी पर जाना है। मेरा रिश्तेदार अस्पताल में भर्ती है, उसके पास देखरेख के लिए कोई नहीं है। मुझे कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए मास्क तैयार कराने हैं। मैं दिल्ली अपने बीमार रिश्तेदार से मिलने गया था। गुरुग्राम में शुक्रवार को सरहौल बॉर्डर सील किए जाने के बाद दिल्ली की ओर से आए कई लोग ऐसे तर्क देकर पुलिसकर्मियों से हरियाणा में प्रवेश के लिए गुहार लगाते दिखे। मगर पुलिसकर्मियों ने उनकी गुहार को अनसुना करते हुए उच्च अधिकारियों से बात करने का सुझाव दिया।
सरहौल बॉर्डर को शुक्रवार सुबह 10 बजे सील किए जाने के बाद दिल्ली से आए लोगों में अफरा तफरी मच गई और वे गुरुग्राम में प्रवेश के लिए पुलिसकर्मियों से गुहार लगाने लगे। इस बीच पुलिस को डा. महेश गुप्ता ने बताया कि वे गुरुग्राम के एक विख्यात अस्पताल में कार्यरत हैं और मरीज की जांच करने जाना है।
वहीं दिल्ली के रंगपुरी निवासी रामवीर सिंह ने कहा कि उसका रिश्तेदार गुरुग्राम के एक अस्पताल में भर्ती है और उसके पास देखरेख के लिए कोई नहीं होने के कारण अस्पताल प्रबंधन ने उसे बुलाया है।
गुरुग्राम के बादशाहपुर निवासी ब्रह्म यादव ने पुलिसकर्मियों से आग्रह किया कि वे तो हरियाणा का है और दिल्ली में अपने बीमार रिश्तेदार से मिलने गए थे। तभी व्यापारी अमित गुप्ता कहने लगे कि वे मास्क तैयार करा रहे हैं और मास्क प्रशासन को देेने हैं। इस कारण उनका गुरुग्राम जाना बहुत जरूरी है।