पातली-हाजीपुर में प्रस्तावित डंपिंग यार्ड बनाने का कर रहे हैं विरोध
कहा-एक भी डंपर या ट्रॉली पहुंची तो परिणाम की जिम्मेदारी निगम की होगी
संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखनगर। नगर निगम गुरुग्राम द्वारा फर्रुखनगर खंड के गांव पातली-हाजीपुर में शहर के कचरे के निस्तारण के लिए प्रस्तावित डंपिंग यार्ड के विरोध में शनिवार को हजारों ग्रामीण सड़कों पर उतर आए। हाजीपुर के सरपंच चौधरी धर्मपाल के नेतृत्व में सामुदायिक केंद्र में पातली और हाजीपुर गांवों की संयुक्त पंचायत की गई।
पंचायत में ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि गांव में कचरे से भरा एक भी डंपर या ट्रॉली पहुंची तो उसके परिणाम की जिम्मेदारी नगर निगम की होगी। सरपंच चौधरी धर्मपाल ने कहा कि पातली-हाजीपुर ही नहीं, फर्रुखनगर क्षेत्र के किसी भी गांव में डंपिंग यार्ड नहीं बनने दिया जाएगा। इसके लिए यदि किसी भी स्तर तक संघर्ष करना पड़ा तो ग्रामीण पीछे नहीं हटेंगे। बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
पंचायत के दौरान विशेष ग्राम सभा भी आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर डंपिंग यार्ड का विरोध दर्ज कराया गया। सरपंच धर्मपाल ने बताया कि नगर निगम गुरुग्राम-मानेसर, केएमपी के साथ लगती शामलात भूमि पर डंपिंग यार्ड बनाने की तैयारी कर रहा है। ग्रामीणों ने इस प्रस्ताव के विरोध में कई कारण गिनाए। उनका कहना है कि प्रस्तावित भूमि गांव की आबादी से करीब 500 मीटर की दूरी पर स्थित है और आसपास कई ढाणियां बसी हुई हैं। उन्होंने दावा किया कि यह स्थान सुल्तानपुर नेशनल पार्क से लगभग तीन किलोमीटर दूर है तथा पर्यावरणीय नियमों के अनुसार ऐसे संवेदनशील क्षेत्र के पांच किलोमीटर के दायरे में डंपिंग यार्ड नहीं बनाया जा सकता। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि प्रस्तावित स्थल के निकट आरओएचसी का रेलवे स्टेशन विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा ग्राम पंचायत 20 अप्रैल 2026 को इसी चार एकड़ भूमि पर पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय का क्षेत्रीय केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह को भेज चुकी है।
ग्रामीण राजेंद्र पंडित, महेंद्र शर्मा, कृष्ण पंडित, विजय कुमार, खेमचंद लंबरदार, अधिवक्ता तेजपाल यादव, सतपाल और बलबीर सिंह सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि यदि यहां डंपिंग यार्ड बनाया गया तो पूरे क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ेगा, दुर्गंध फैलेगी और लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इससे केवल पातली-हाजीपुर ही नहीं बल्कि पूरे फर्रुखनगर क्षेत्र के लोगों का जीवन प्रभावित होगा।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया गया तो महापंचायत बुलाकर व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा और हर स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। पंचायत में राजबीर सिंह, भोम सिंह, जितेंद्र, राज वर्मा, माना सिंह, राम बाबू, मंगल सिंह, परमानंद, रविंद्र, बनवारी, जगदीश, कैलाश, बुधराम, रणबीर, भतेरी, राजबीर सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।