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Gurugram News: मानेसर में विकास को लगी लॉटरी

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बदलेगी मानेसर की तस्वीर, नगर निगम साल भर में खर्च करेगा 678 करोड़
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481 करोड़ कमाने का बजट में रखा गया है लक्ष्य, सदन की बैठक में बजट को मिली मंजूरी
नंबर गेम - 51 प्रस्तावों को मिली हरी झंडी



संवाद न्यूज एजेंसी

मानेसर। नगर निगम मानेसर के सदन की विशेष बैठक सोमवार को आईएमटी सेक्टर-8 स्थित निगम कार्यालय में हुई। बैठक की अध्यक्षता कर रही मेयर डॉ. इंद्रजीत कौर ने साल भर में 678 करोड़ रुपये खर्च करने की मंजूरी दी है। नगर निगम मानेसर यह पैसा, साफ-सफाई और अपने कार्यालय के भवन बनाने पर खर्च करेगा। इसके साथ ही साल भर नगर निगम की ओर से अलग-अलग मद में 482 करोड़ रुपये कमाने का लक्ष्य रखा गया है।
अधिकारियों ने बताया कि नगर निगम मानेसर को अलग-अलग स्रोतों से आय होने का अनुमान है। निगम को सेल और ऑक्शन से करीब 50 करोड़ रुपये की आय होगी। वहीं, रेंट और लीज से करीब ढाई करोड़ रुपये मिलेंगे। इसके अलावा सरकारी ग्रांट से लगभग 86 करोड़ रुपये, विभिन्न फीस से करीब 16 करोड़ रुपये और प्रॉपर्टी टैक्स से करीब 75 करोड़ 50 लाख रुपये की आय होने का अनुमान लगाया गया है।
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इस तरह तय की गई बजट की राशि
खर्च की बात करें तो निगम ने अलग-अलग कामों के लिए बजट में राशि तय की है। स्टाफ की सैलरी और अन्य खर्चों के लिए करीब 35 करोड़ रुपये रखे गए हैं। प्रशासनिक खर्च के लिए 17 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सफाई व्यवस्था और वेस्ट मैनेजमेंट पर लगभग 86 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं ऑपरेशन और मेंटेनेंस के लिए करीब 47 करोड़ रुपये रखे गए हैं। निगम क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए सबसे ज्यादा करीब 480 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई गई है। बैठक में पूरे सदन की सहमति से वार्षिक बजट को पास किया गया। अब बजट प्रस्ताव को अंतिम स्वीकृति के लिए चंडीगढ़ मुख्यालय भेजा जाएगा।

बैठक में 51 प्रस्तावों को मिली मंजूरी

मेयर की अध्यक्षता में हुई बैठक में रखे गए कुल 54 मुद्दों में से 51 पर सहमति बनी है। तीन कार्यों पर अगली बैठक में रखने का निर्णय लिया गया है। सोमवार को आयोजित बैठक में सदन ने निर्णय लिया है कि निगम क्षेत्र के सभी गांवों में पक्की सड़कें, सीवर लाइन, पानी की पाइपलाइन के कार्य किए जाएं। सभी जोहड़ों और चौपालों का सौदर्यीकरण किया जाए। गांवों में सामुदायिक केंद्र बनाए जाएं। जिन गांवों में निगम की भूमि उपलब्ध हो वहां पर माइक्रो एसटीपी बनाए जाएं। वार्डों में स्पीड ब्रेकर, आरसीसी बेंच, सड़क रिपेयर का काम मोबाइल वैन के जरिये हो। गांवों में ई-लाइब्रेरी, निगम की ओर से बनाई गई इमारतों के रख-रखाव किसी एजेंसी को दिया जाए। जिन गांवों में निगम की जमीन हो वहां पर एससी चौपाल या अंबेडकर भवन बनाए जाएं। वार्डों में तिरंगा लाइटें लगाएं।

इसके अलावा, जिन गांवों के पास जमीन नहीं हैं, वहां पर एचएसआईआईडीसी से एनओसी लेकर गांवों के लिए सामुदायिक केंद्र, बूस्टिंग स्टेशन आदि बनाए जाएं। सभी गांवों में एचकेआरएन के माध्यम से पंप ऑपरेटर, चौकीदार की नियुक्ति हो। निगम क्षेत्र में जगह चिन्हित कर शाॅपिंग कॉम्पलेक्स बनाया जाए। निगम क्षेत्र में ठेकेदार को काम अलाॅट करने पर यदि वह समय पर काम को पूरा न करे तो बिना पार्षद की सलाह के उसकी समय अवधि न बढ़ाई जाए। निगम के माध्यम से सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति हो। लाल डोरा क्षेत्र में प्रमाण पत्र की जांच के लिए कमेटी का गठन किया जाए। जिन गांवों में सामलात भूमि को गैर मुमकिन पहाड़ की श्रेणी में रखा गया, वहां का सर्वे करवाकर उसकी श्रेणी में बदलाव के लिए सरकार को पत्र लिखा जाए।
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गांव शिकोहपुर में सीएचसी का निर्माण किया जाए। श्मशान घाटों का सौंदर्यीकरण किया जाए। पार्षदों के कार्यालय बनवाए जाएं और जिस गांव में सरकारी जमीन नहीं है, वहां पर पोर्टा केबिन बनाए जाएं। नगर निगम की भूमि की पैमाइश कराकर चारहारदीवारी की जाए। निगम क्षेत्र की सोसाइटियों के लिए एचएसआईआईडीसी से एनओसी लेकर दो श्मशान घाट का निर्माण किया जाए। बिल्डरों को रेवेन्यू रास्ता देने से पहले संबंधित पार्षद व मेयर टीम की सहमति ली जाए। स्वच्छ भारत मिशन को गति देने के लिए 2 जेसीबी, 34 ट्रेक्टर, 4 जेटिंग मशीन, 20 पानी के टैंकर, 2 सुपर सकर मशीन, 3 स्वीपिंग मशीन, 4 हाइवा, 200 कूड़ेदान सहित 6 बुश कटिंग मशीन व 2 बकिट मशीन खरीदी जाए। इन सभी विकास कार्यों पर सदन ने हामी भरी।
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